पटना (बिहार)। नकली दवाइयां बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। कंपनी के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई नई दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने अंजाम दी। फैक्ट्री से भारी मात्रा में नकली दवाएं और उपकरण बरामद किए हैं। इससे पहले टीम रामा कृष्णा नगर और गया में छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली कफ सीरप, दवाएं बरामद किया था।

यह है मामला

क्राइम ब्रांच के उपायुक्त संजीव कुमार यादव के मुताबिक, इस केस में पिछली गिरफ्तारियों से मिली जानकारी का इस्तेमाल किया गया। पुलिस कस्टडी में दूसरे आरोपित अरुण से पता चला कि बृजेश नकली दवाएं व सीरप बनाकर उन्हें मार्केट में बेचता है। सूचना पर पुलिस टीम गठित की गई। टीम तुरंत पटना पहुंची और आरोपित अरुण की निशानदेही पर बृजेश को अवैध दवा यूनिट चलाते पाया। इसके पास दवाइयां व वायल बनाने का लाइसेंस नहीं था। फैक्ट्री बिना लाइसेंस, जरूरी मैन्युफैक्चरिंग और एनालिटिकल केमिस्ट की गैर मौजूदगी में चल रही थी। इस ऑपरेशन में अब तक नौ गिरफ्तारियां हुई हैं। 13 किलो से अधिक ट्रामाडोल पाउडर, 500 ग्राम से अधिक अल्प्राजोलम आदि बरामद हुए हैं।

फैक्ट्री से बरामद की गई नकली दवाएं

क्लेवेम -25 की 590 स्ट्रिप्स
एम-माक्सी की 30 हजार से अधिक टैबलेट
53 हजार से अधिक एम्बिसेट टैबलेट
10 हजार विक्स एक्शन टैबलेट
आठ हजार ट्रिप्सिन टैबलेट
आठ हजार ओमेज कैप (एक्सपायर)
बिना लेबल वाला कोडीन सिरप
कुल मिलाकर 20 से अधिक तरह के टैब्स व सिरप
इंडस्ट्रियल स्टिरर ड्रम सीरप पैक करने के लिए खाली बोतलें और कैप
पैकिंग व लेबलिंग का सामान ऑपरेशन में अब तक नौ आरोपित गिरफ्तार