अहमदाबाद (गुजरात)। एफडीसीए ने छापेमारी कर 17 लाख रुपये की नकली दवाएं जब्त कीं हैं। खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (एफडीसीए) ने कई शहरों में व्यापक छापेमारी की। ये छापे अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में की गई। ज़ब्त किए स्टॉक से 20 सैंपल जाँच के लिए भेजे गए हैं।
यह है मामला
एफडीसीए ने अरुणसिंह आमेरा के वटवा स्थित आवास पर छापा मारा और नकली दवाइयों की खेप बरामद कीं। इसके अलावा, अमराईवाड़ी स्थित नीलेश ठक्कर की संपत्ति और बापूनगर के चामुंडा नगर स्थित पारस केमिस्ट की संपत्ति से 12 लाख की नकली दवाइयाँ बरामद की। कुल मिलाकर, अकेले अहमदाबाद से 15 लाख रुपये मूल्य की दवाइयाँ ज़ब्त की गईं।
अधिकारियों ने वडोदरा में ऑल केयर मेडिसिन्स से नकली दवाओं की 115 पट्टियाँ ज़ब्त कीं। सूरत में गौरव प्रजापति के स्वामित्व वाली शिवाय मेडिको से 136 पट्टियाँ मिलीं। राजकोट में छापेमारी के दौरान जिग्नेश वघासिया की निर्मल मेडिकल एजेंसी से 32 पट्टियाँ ज़ब्त की गईं।
अधिकारियों ने बताया कि नकली दवाएँ जिनमें टॉरेंट फार्मा की काइमोरल फोर्ट, जीएसके की ऑगमेंटिन और इप्का की जीरोडोल-एसपी शामिल है, गुजरात के बाहर से खरीदी गई थीं। ये दवाएँ बिना बिल के खरीदी गई थीं और इनमें चाक पाउडर पाया गया। यह कार्रवाई एफडीसीए द्वारा हाल ही में सूरत की कंपनी पर ऑनलाइन नकली सौंदर्य प्रसाधन बेचने पर की गई छापेमारी के बाद की गई है।










