नालंदा (बिहार)। डॉक्टर, संचालक समेत 5 पर एफआईआर दर्ज होने का मामला सामने आया है। प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी के बाद मां और नवजात की मौत मामले में यह कार्रवाई हुई। अस्पताल के ओटी और दवा स्टोर रूम को सील कर दिया गया है।

यह है मामला

खानपुर गांव के सचिन पासवान की पत्नी सोनम कुमारी को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गएथे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने भर्ती करने में देरी की। मौके का फायदा उठाते हुए आशा कर्मी निशा कुमारी और उसकी सहयोगी सुधा कुमारी ने परिजनों को बेहतर इलाज का झांसा दिया। दोनों महिलाएं परिवार को बहला-फुसलाकर उषा नर्सिंग होम ले गईं। वहां संचालक संतोष कुमार और राजू कुमार ने मरीज को भर्ती कर लिया।

आरोप है कि अस्पताल के संचालक ने बिहारशरीफ से डॉ. अजय कुमार को बुलाया। रात्रि करीब 11 बजे ऑपरेशन करवाया। ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती गई। इससे नवजात शिशु और मां सोनम कुमारी की मौत हो गई।
मौत के बाद अपनी करतूत छिपाने के लिए संचालक ने मानवता की सारी हदें पार कर दी। उन्होंने परिजनों से कहा कि मरीज की हालत गंभीर है। उसे पटना रेफर करना होगा। इसके बाद शव को एंबुलेंस में रखकर करीब 4 घंटे तक घुमाया गया। जब चालक शव को वापस गांव (खानपुर) लेकर पहुंचा, तो ग्रामीणों ने विरोध किया। इसके बाद चालक शव को वापस क्लीनिक के पास छोड़कर फरार हो गया।

मृतका के चाचा ने थाने में दिए आवेदन में 5 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें आशा कार्यकर्ता निशा कुमारी सहयोगी सुधा कुमारी, संचालक संतोष कुमार, राजू कुमार और डॉ. अजय कुमार शामिल है। बिंद थानाध्यक्ष चंदन कुमार सिंह ने बताया कि नर्सिंग होम के ओटी रूम और मेडिसिन रूम को सील कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी गई है।