नई दिल्ली। कैंसर की पहली देसी बायोसिमिलर दवा भारत में लॉन्च हो गई है। इससे अब बेहद कम दामों में कैंसर रोग का इलाज हो सकेगा। ज़ाइडस लाइफसाइंसेज ने कैंसर इम्यूनोथेरेपी दवा नाइवोलुमैब का देसी वर्जन लॉन्च किया है। स्वास्थ्य के नजरिए से यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे महंगे कैंसर इलाज को आम मरीजों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
क्या है नाइवोलुमैब
नाइवोलुमैब एक आधुनिक इम्यूनोथेरेपी दवा है। यह शरीर की इम्यून सिस्टम को कैंसर सेल्स से लडऩे के लिए सक्रिय करती है। यह दवा फेफड़े, किडनी, त्वचा, सिर-गर्दन और कुछ अन्य कैंसर में इस्तेमाल की जाती है। इसकी ऊंची कीमत के कारण कई मरीज इसका लाभ नहीं उठा पाते थे।
जाइडस ने इस बायोसिमिलर को Tishtha नाम से बाजार में उतारा है। यह दवा मूल दवा की तुलना में लगभग एक-चौथाई कीमत पर उपलब्ध होगी। Tishtha दो डोज में उपलब्ध होगी। पहली 100 mg की जिसकी कीमत 28,950 रुपए होगी। दूसरी 40 mg की। इसकी कीमत 13,950 रुपए होगी। अलग-अलग डोज मिलने से डॉक्टर मरीज की जरूरत के अनुसार सही मात्रा दे सकेंगे। इससे दवा की बर्बादी कम होगी और इलाज का कुल खर्च घटेगा। इस दवा का निर्माण और विकास भारत में ही किया गया है।










