नई दिल्ली। डायबिटीज एफडीसी दवा पर लगा बैन दिल्ली हाईकोर्ट ने बहाल कर दिया है। डायबिटीज मेलिटस के इलाज की दो फिक्स्ड-डोज़ कॉम्बिनेशन (एफडीसी) दवाओं पर पहले प्रतिबंध लगा हुआ था। सरकार ने पहले 2018 में इन एफडीसी के निर्माण और बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया था।

न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल और हरीश वैद्यनाथन शंकर की डिवीजन बेंच ने यह घोषणा की। बताया कि केंद्र सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में इन एफडीसी दवाओं को प्रतिबंधित करने की शक्तियों के भीतर काम किया है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार को किसी दवा पर प्रतिबंध लगाने से पहले मनुष्यों को वास्तविक नुकसान साबित करने की आवश्यकता नहीं है। यदि यह संभावना है कि दवा मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा करती है। तब प्रतिबंध लगाया जा सकता है। विधायी इरादा एहतियाती है, जो केवल संभावित या अनुमानित जोखिमों पर केंद्रित है।