ब्यावर (राजस्थान)। प्रतिबंधित एलर्जी की दवा की अवैध बिक्री का भंडाफोड़ हुआ है। औषधि नियंत्रण विभाग ने अवैध रूप से उत्पादित और प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की हैं। यह कार्रवाई सहायक औषधि नियंत्रक अधिकारी मोनिका जाग्रत के नेतृत्व में हुई। इस कार्रवाई में विनसेट एल टैबलेट की 1800 गोलियां जब्त की गई हैं। वाई एल फार्मा की ओर से इस दवा का उत्पादन किया जा रहा था।

यह है मामला

हिमाचल के सोलन जिले की वाई एल फार्मा को अनियमितताओं के चलते प्रतिबंधित कर दिया था। इसके उत्पादन पर भी रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद कंपनी चोरी-छिपे दवाओं का उत्पादन कर रही थी। इन्हें राजस्थान के बाजारों में खपा रही थी। यह दवा एलर्जी के काम में आती है।

सहायक औषधि नियंत्रक मोनिका जाग्रत को इसकी सूचना मिली। पता चला कि ब्यावर के शुभम कॉम्प्लेक्स स्थित थोक विक्रेता मैसर्स सुरेश फार्मा पर संदिग्ध दवाइयां हैं। टीम ने मौके पर दबिश दी तो विनसेट एल टेबलेट बैच नंबर वाईएलटी 25028 मिली। इन टैबलेट्स पर उत्पादन तारीख जुलाई 2025 थी। जबकि ड्रग विभाग ने कंपनी के उत्पादन पर मार्च 2025 में ही रोक लगा दी थी। जुलाई 2025 में दवा का निर्माण होना सीधे तौर पर अवैध है। कंपनी गुपचुप तरीके से इन प्रतिबंधित दवाओं को बाजार में भेज रही थी। पहले ड्रग विभाग ने विनसेट एल के 12 बैच को अमानक घोषित किया था। यह दवा बेअसर थी।