उन्नाव। जन औषधि केंद्र में पेटेंट दवाएं बेचने का भंडाफोड़ हुआ है। जिला अस्पताल स्थित जन औषधि केंद्र में यह मामला पकड़ में आया। इसका खुलासा एक मरीज की शिकायत पर जांच में हुआ। करीब एक लाख की दवाएं सील कर दी गई हैं। केंद्र संचालक का लाइसेंस निरस्त करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है।

यह है मामला

जन औषधि केंद्र में सस्ती जेनरिक दवाएं बेचने की अनुमति होती है। जिला अस्पताल में आए मरीज को डॉक्टर ने जन औषधि केंद्र में मिलने वाली दवा लिखी थी। वह केंद्र पहुंचा तो वहां फार्मासिस्ट ने जेनरिक की बजाय पेटेंट दवाएं दीं। मरीज ने जन औषधि केंद्र को इसका ऑनलाइन भुगतान किया। इसके बाद उसने सीएमओ से शिकायत की। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश जन औषधि केंद्र पहुंचे और जांच की। काउंटर के नीचे जेनरिक दवाओं के गत्तों में छिपाकर रखी गईं भारी मात्रा में पेटेंट दवाएं मिलीं।

सीएमओ ने दवाओं को सील कराकर सीएमएस डॉ. संजीव कुमार के सुपुर्द किया। केंद्र संचालक के खिलाफ पहले भी ऐसी शिकायतें मिली थीं। दवाएं छिपा देने से केंद्र से बिक्री के लिए प्रतिबंधित दवाएं नहीं मिल सकीं। बताया कि विभिन्न कंपनियों की पेटेंट दवाएं मिलीं हैं। इनमें एंटीबायोटिक, सिरप और कई तरह के रोगों में उपयोग होने वाली टैबलेट हैं। औषधि केंद्र का टेंडर निरस्त करने के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। चर्चा है कि केंद्र संचालक का शहर में एक मेडिकल स्टोर भी है। वह वहीं से लाकर पेटेंट दवाएं मरीजों को बेच रहा था।