कानपुर (उप)। किडनी ट्रांसप्लांट के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने 3 बड़े अस्पतालों में छापेमारी की। अस्पताल में भर्ती डोनर और रिसीवर मिले। डोनर से 60 लाख में किडनी का सौदा किया गया। जबकि महज 9.50 लाख दिए गए। उत्तराखंड के युवक से विवाद हुआ तो मामला खुला।
किडनी ट्रांसप्लांट के लिए लखनऊ और दिल्ली से डॉक्टरों की टीम आती थी। युवकों को जाल में फंसाकर किडनी का सौदा किया जाता था। अभी इस पूरे पर कार्रवाई चल रही है। इसमें शामिल अस्पतालों की जांच की जा रही है।
यह है मामला
कल्याणपुर के शिवम अग्रवाल ने आयुष को उत्तराखंड से बुलवाया। उनके बीच एक मरीज को किडनी बेचने की बात तय हुई। शिवम ने आयुष को 60 लाख रुपए दिलाने का वादा किया।
दोनों का रावतपुर के एक नामी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। किडनी डोनेट के बाद आयुष को 9.50 लाख दिए तो विवाद हो गया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद टीमें बनाकर छापेमारी की गईं। कल्याणपुर के आहूजा अस्पताल के आईसीयू में 2 युवक एडमिट मिले। 24 घंटे तक दोनों को यहीं रखा गया। डोनर आयुष को वहां से मेड लाइफ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की पूछताछ में कई इनपुट सामने आए हैं। पुलिस ने शहर के 3 बड़े अस्पतालों में छापेमारी की। 3 अन्य अस्पताल में भी टीम गई। तीन अस्पतालों के संचालकों को हिरासत में लिया गया।
आहूजा हॉस्पिटल के संचालक ने प्रिया हॉस्पिटल में किडनी लेने वाले मरीज को भर्ती करा दिया। मामला खुला तो पुलिस प्रिया सरोज हॉस्पिटल पहुंची। पुलिस टीम परिजनों से पूछताछ कर रही है। पुलिस की टीमें डोनर और किडनी लेने वाले दोनों मरीजों तक पहुंच गई है। टीमें लगातार छापेमारी और जांच-पड़ताल कर रही हैं। जल्द ही पूरे सिंडीकेट को जेल भेजा जाएगा।










