नई दिल्ली। आयुष दवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। देश में नि:शुल्क आयुष दवाओं की उपलब्धता और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से दवाओं की निगरानी

आयुष मंत्रालय ने एएचएमआईएस जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। इनके जरिए आयुष केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता का डिजिटलीकरण और निगरानी की जा रही है। इससे चिकित्सकों और फार्मासिस्टों को बेहतर प्रबंधन में मदद मिल रही है।

अभियानों के जरिए आयुष आधारित निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जनसंचार माध्यमों से समाज में आयुष पद्धतियों की उपयोगिता को व्यापक रूप से बताया जा रहा है।

एनएएम के तहत देशभर में 12,500 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) को कार्यशील किया है। इन केंद्रों के जरिए लोगों को निवारक, प्रोत्साहक, उपचारात्मक और पुनर्वास स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ रेफरल लिंकेज भी मजबूत किया गया है।

राज्यों को मिल रही वित्तीय सहायता

एनएएम के तहत राज्यों को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। आयुष मंत्रालय आयुर्ज्ञान योजना के तहत भी काम कर रहा है।