कानपुर (उप्र)। कोडीन कफ सिरप कांड का फरार मास्टरमाइंड हरियाणा से पकड़ा गया है। सिरप की अवैध खरीद-बिक्री कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दवा व्यापारी विनोद अग्रवाल को पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह पिछले 75 दिनों से फरार चल रहा था। तकनीकी निगरानी के चलते उसकी एक भूल ने ठिकाना बता दिया।
यह है मामला
मामला नवंबर 2025 में सामने आया था। औषधि प्रशासन ने कानपुर की दवा मार्केट में अग्रवाल ब्रदर्स के प्रतिष्ठानों पर रेड की। इसमें करोड़ों रुपये के कफ सिरप, ट्रामाडोल टैबलेट्स और एक्सपायरी दवाएं जब्त की। इन दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान विनोद अग्रवाल और उनके बेटे शिवम अग्रवाल मौके से फरार हो गए। इसके बाद कलेक्टरगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
75 दिनों में बदले 8 ठिकाने
फरारी के दौरान आरोपी विनोद अग्रवाल ने काफी सतर्कता बरती। उसने मोबाइल और लैपटॉप को स्विच ऑफ रखा। इससे लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल हो रहा था। 75 दिनों में उसने पांच राज्यों के आठ शहरों में ठिकाने बदले। कुछ समय कानपुर में रिश्तेदारों और साझेदारों के यहां छिपा रहा। पुलिस की बढ़ती घेराबंदी के कारण अन्य राज्यों में शिफ्ट हो गया।
वाईफाई से व्हाट्सएप लॉगिन से फंसा
उसने बात करने के लिए नारनौल में किसी शरणदाता के घर वाई-फाई से व्हाट्सएप पर लॉगिन कर लिया। इस चूक से सर्विलांस टीम को आईपी एड्रेस के जरिए उसका ठिकाना पता चला।
इसके बाद पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया। ऑपरेशन चलाकर आरोपी विनोद अग्रवाल को दबोच लिया। आरोपी को महेंद्रगढ़ कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया गया है। पुलिस अब आरोपी की संपत्ति जब्ती और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।










