जमुई (बिहार)। मेडिकल स्टोर पर रेड के दौरान नियमों की अनदेखी सामने आई। इसके चलते दो दवा दुकानों को सील कर दिया गया। लंबे समय से दवा दुकानों की जांच नहीं हो पाई थी। इसका फायदा उठाकर धड़ल्ले से अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। एसडीओ सौरभ कुमार ने सदर अस्पताल के समीप स्थित दो दवा दुकानों का औचक निरीक्षण किया। अनियमितता को लेकर दोनों दुकानों को सील कर दिया गया। बाद में एक दवा दुकान की संबंधित कागजात की गहन जांच के बाद सील हटा दी। जबकि एक दुकान में अब तक सील लगी हुई है।

बिना लाइसेंस के बिक रही दवाइयां

निरीक्षण में यह बात प्रमुखता से सामने आयी कि कई दवा दुकानों के पास वैध लाइसेंस ही नहीं है। कुछ का लाइसेंस काफी समय पहले एक्सपायर हो चुका है। बिना वैध लाइसेंस के एक गोली बेचना भी अपराध है। लेकिन निगरानी तंत्र की विफलता के कारण ये दुकानदार बेखौफ होकर अपनी दुकानें चला रहे हैं।

जांच में दवाओं की बिक्री के तरीकों में भी भारी अनियमितताएं मिली। दुकानदार बिना किसी डॉक्टर के पर्चा के लोगों को प्रतिबंधित और नशीली दवाएं बेच रहे हैं। साथ ही दुकानदार ग्राहकों को कैश मेमो नहीं दे रहे। बिल न देने का सीधा अर्थ है टैक्स की चोरी करना। बिना बिल के यह पता लगाना मुश्किल है कि दवा असली है या नकली। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में खानापूर्ति करता है या नहीं।