नई दिल्ली। आर्थोपेडिक इम्प्लांट्स पर एमआरपी की अवधि दो महीने के लिए बढ़ाई गई है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने इसकी घोषणा की। आर्थोपेडिक घुटना प्रत्यारोपण पर लगाई गई एमआरपी की अवधि 15 नवंबर, 2025 तक बढ़ा दी है। एनपीपीए ने कहा कि प्राधिकरण को निर्माताओं और उद्योग संघों से प्राप्त अभ्यावेदन विचाराधीन हैं।
यह है मामला
एनपीपीए ने कहा कि 10 सितंबर, 2024 को जारी अधिसूचना की अवधि को बढ़ाया है। इसके तहत अधिकतम मूल्य को 15 सितंबर, 2025 तक बढ़ाया गया है। यह अधिसूचना आर्थोपेडिक घुटना प्रत्यारोपण के संबंध में 15 नवंबर, 2025 तक रहेगी। जब तक कि बाद की अधिसूचना द्वारा इसमें संशोधन नहीं किया जाता।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आर्थोपेडिक प्रत्यारोपणों को औषधियों के रूप में अधिसूचित किया था। डीपीसीओ, 2013 सभी अधिसूचित दवाओं पर लागू होता है। एनपीपीए को इन दवाओं की कीमतों की निगरानी करने का अधिकार दिया गया है। इससे ऐसी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। यह भी सुनिश्चित किया जा सके कि मरीजों की कीमत पर किसी भी दवा के मामले में कोई अनैतिक मुनाफाखोरी न हो।










