कानपुर (उप्र)। जिद्दी मलेरिया को जड़ से खत्म करने के लिए नए ड्रग कॉम्बिनेशन को मंजूरी मिली है। इस कॉम्बिनेशन को ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया की एक्सपर्ट कमेटी एंड कोऑर्डिनेशन सेल ने मंजूरी दी है।

यह है मामला

ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया की एक्सपर्ट कमेटी एंड कोआर्डिनेशन सेल की बैठक दिल्ली में हुई थी। मलेरिया के इलाज में अभी दो सॉल्ट प्रचलित हैं। इससे कुछ रोगियों का मलेरिया ठीक नहीं होता है। मलेरिया कुछ दिन ठीक होने के बाद रिलैप्स हो जाता है। साथ ही लंबा खिंचता है। कंपनी नया कॉम्बिनेशन बना रही है। उसमें इन दो दवाओं के साथ एमोडियाक्वीन सॉल्ट भी जोड़ा जाएगा। इससे रेसिस्टेंट मलेरिया को काबू में किया जा सकता है।

उप प्राचार्य डॉ. गिरि ने बताया कि मलेरिया ठीक न होने से रोगी को बहुत दिक्कतें हो जाती हैं। खासतौर पर रोगी के गुर्दे खराब हो जाते हैं। साथ ही लिवर पर भी बुरा असर आ जाता है। रेसिस्टेंट मलेरिया से ग्रसित रोगियों के शरीर में खून की कमी हो जाती है। मलेरिया परजीवी आरबीसी में घुस जाते हैं। रोगी एनीमिक हो जाता है। दवाओं के कॉम्बिनेशन पर विचार मंथन के बाद कमेटी ने मंजूरी दी है। ट्रायल होने के बाद रोगियों को दवा मुहैया हो जाएगी।