नई दिल्ली। गंभीर बीमारी की सालों पुरानी दवा को एफडीए से मंजूरी मिली है। अमेरिका के एफडीए ने ल्यूकोवोरिन नाम की दशकों पुरानी दवा को मंजूरी दी है। यह दुर्लभ जेनेटिक बीमारी के इलाज के लिए काम आती है। यह बीमारी सेरेब्रल फोलेट डिफिशिएंसी कहलाती है। इसमें शरीर में मौजूद एक जरूरी विटामिन फोलेट दिमाग तक नहीं पहुंच पाता। इसका असर बच्चों के विकास पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।
यह बीमारी आमतौर पर 2 साल से कम उम्र के बच्चों में दिखाई देती है। इसके लक्षण कई बार ऑटिज्म जैसे लगते हैं। इसमें बच्चों में कई गंभीर समस्याएं दिख सकती हैं। अधिकारियों ने साफ कहा कि ऑटिज्म के व्यापक इलाज के लिए अभी पर्याप्त वैज्ञानिक डेटा उपलब्ध नहीं है। इसलिए फिलहाल इसकी मंजूरी केवल उस दुर्लभ जेनेटिक बीमारी तक सीमित रखी गई है।
ल्यूकोवोरिन को फोलिनिक एसिड भी कहा जाता है। दवा नई नहीं है, लेकिन इसका नया मेडिकल उपयोग सामने आया है। एफडीए को उम्मीद है कि मंजूरी के बाद इस दवा की मांग बढ़ेगी। इसलिए एजेंसी ने कंपनियों से उत्पादन बढ़ाने को कहा है।










