जोधपुर (राजस्थान)। चिकित्सा एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने के आदेश को कैंसिल करने के आदेश जारी हुए हैं। यह आदेश राजस्थान उच्च न्यायालय ने दिए। जोधपुर स्थित एक चिकित्सा एजेंसी के दवा लाइसेंस को रद्द कर दिया गया था। यह मानते हुए कि लाइसेंसिंग प्राधिकरण लाइसेंस पहले से ही निलंबित होने पर भी नया कारण बताओ नोटिस जारी किए बिना रद्द नहीं कर सकता।
न्यायमूर्ति कुलदीप माथुर ने झानवेर मेडिकल एजेंसीज बनाम राजस्थान राज्य पर फैसला सुनाते हुए यह निर्णय दिया। इसे याचिकाकर्ता फर्म ने अपने दवा लाइसेंसों को रद्द करने को चुनौती देते हुए दायर किया था। याचिकाकर्ता झनवर मेडिकल एजेंसीज के पास मई 2027 तक वैध दवा व्यवसाय का लाइसेंस था। विवाद सितंबर 2023 में शुरू हुआ। आरजीएचएस के तहत दवाओं की अनियमितताओं के लिए मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इससे कथित तौर पर सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ।
जांच के बाद उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया। प्राधिकरण ने प्रारंभ में 60 दिनों के लिए फर्म का लाइसेंस निलंबित कर दिया। हालांकि, निलंबन अवधि समाप्त होने के बाद लाइसेंस को पूरी तरह रद्द करने का आदेश पारित किया। इसे बाद में अपीलीय प्राधिकरण ने बरकरार रखा।










