गाजियाबाद (यूपी)। दवा व्यापारियों से महंगी दवा मंगाकर नकली चेक सौंपने का मामला प्रकाश में आया है। खुद को डॉक्टर बताकर मेडिकल स्टोर संचालकों से धोखाधड़ी की। पुलिस ने फर्जी चेक देकर फरार होने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से महंगी दवाइयां और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

यह है मामला

आरोपी फोन पर खुद को नामी अस्पतालों का डॉक्टर बताते थे। भरोसा जमाने के लिए बड़े अस्पतालों का नाम लेते।तत्काल दवाइयों की डिलीवरी की मांग करते थे। दवाइयां मिलने के बाद मेडिकल स्टोर संचालक को फर्जी चेक दे देते थे। जब तक दुकानदार को चेक के फर्जी होने का पता चलता, तब तक ये उस शहर को छोडक़र फरार हो जाते थे।

मुकेश तनेहा है सरगना

पुलिस को सूचना मिली थी कि ये गिरोह कोतवाली थाना क्षेत्र में सक्रिय है। रेलवे स्टेशन के पास मालगोदाम रोड से चारों आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों की पहचान मुकेश तनेजा, अमित खुराना, दीप सिंह चुग और मुकेश अखरिया उर्फ सुंदर के रूप में हुई है। मुकेश तनेजा गिरोह का सरगना है। ये पहले भी दिल्ली के रोहिणी इलाके से इसी तरह की ठगी के मामले में जेल जा चुका है। आरोपियों के पास से 30 से ज्यादा महंगी दवाइयां मिली हैं। बड़ी संख्या में सिम कार्ड और कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

गिरोह के सदस्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से फार्मेसियों के नंबर जुटाते थे। फिर उनसे संपर्क कर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। ये गिरोह 50 से ज्यादा मेडिकल स्टोरों से करोड़ों की दवाइयों की ठगी कर चुका है। इस गिरोह के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। साथ ही बरामद दवाइयों की सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है।