विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश)। डॉक्टर की पर्ची बगैर प्रतिबंधित दवाइयां बेचे जाने के मामले प्रकाश में आए हैं। राज्य में एक अभियान के दौरान 158 मेडिकल दुकानों में उल्लंघन का पता चला और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ दंड लगाया गया है।
यह जानकारी महानिरीक्षक (आईजी) ए.के. रवि कृष्ण ने राज्यव्यापी ‘ऑपरेशन गरुड़’ पर प्रकाश डालते हुए कही। इस संबंध में ड्रग कंट्रोल पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
अधिकारियों ने बैठक में बिना डॉक्टर के पर्चे के एनआरएक्स और एक्सआरएक्स दवाओं की अंधाधुंध बिक्री, अनुचित बिलिंग रिकॉर्ड और एक्सपायर दवाओं की बिक्री जैसे मुद्दों को उठाया। इन नियमों का उल्लंघन करने वाली दुकानों को सील कर चेतावनी ज्ञापन जारी किए गए। वहीं इनके लाइसेंस रद्द कर दिए और कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है।
बैठक में आईजी रवि कृष्ण ने एनआरएक्स ड्रग के दुरुपयोग से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरों पर जोर दिया और सख्त प्रवर्तन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने ड्रग्स कंट्रोल एसोसिएशन से लोगों में जागरूकता फैलाने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि साइकोट्रोपिक दवाएं बिना डॉक्टर के पर्चे के न बेची जाएं।
आंध्र प्रदेश को नशा मुक्त राज्य बनाने के अभियान में, आईजी रवि कृष्ण ने ड्रग डीलर्स एसोसिएशन से अपील की कि वे अनियमित ड्रग उपयोग के खतरों के बारे में जागरूकता अभियान चलाएं।