मुंबई। नकली मोंटेयर-एलसी टैबलेट की बिक्री पकड़ी गईं है। एफडीए की जांच में मोंटेयर-एलसी टैबलेट नकली पाई गई। इसके बाद नागपाड़ा पुलिस ने दो लोगों पर नकली मोंटेयर-एलसी टैबलेट बेचने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोपी गुलाम राजू खान और परेश कांतिलाल सकारिया हैं। ये कालबादेवी स्थित सकारिया फार्मा के मालिक हैं।
पुलिस को संदिग्ध नकली दवाओं की बिक्री की सूचना मिली थी।
इस पर ड्रग इंस्पेक्टर हेमंत अडे ने कमाठीपुरा स्थित मुस्कान केमिस्ट में कार्रवाई की। एफडीए अधिकारियों ने मोंटेयर-एलसी, शेल्कअल 500, काइमोरल फोर्ट, बुडेकोर्ट रोटाकैप्स और शेल्कअल न्यू टैबलेट के सैंपल लिए। जांच में पाया गया कि मोंटेयर-एलसी का सैंपल मानक गुणवत्ता का नहीं था। लेबल पर अंकित लेवोसेटिरिजऩि हाइड्रोक्लोराइड की मात्रा केवल 73.26 फीसदी मिली। मोंटेलुकास्ट सोडियम का पता नहीं चला। इसके कारण इसे नकली के रूप में वर्गीकृत किया गया।
आरोपी खान ने कहा कि उन्होंने ये दवाएं सकारिया फार्मा से खरीदी थीं। सकारिया ने कथित तौर पर खरीद और आपूर्ति के विवरण उपलब्ध नहीं कराए। सिक्किम स्थित सिप्ला लिमिटेड ने बाद में बताया कि नमूना नकली था। उसके उत्पादन संयंत्र में नहीं बना था। पुलिस आपूर्ति श्रृंखला और इसमें शामिल अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच कर रही है।










