बदायूं (उप्र)। जन औषधि केंद्र से प्राइवेट दवाएं मिलने पर बिक्री रोकने का मामला सामने आया है। सरकारी अस्पताल में मरीजों को जैनेरिक दवा के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खुले हैं। लेकिन यहां मरीजों को चूना लगाया जा रहा है। औषधि विक्रेता संघ की शिकायत के बाद औषधि निरीक्षक ने छापामारी की। जन औषधि केंद्र पर बाजार में बिकने वाली दवाएं बिक्री होती मिली। दवाओं को सीज कर दिया गया है। वहीं बिना फार्मासिस्ट के सामान्य लोग दवा बिक्री कर रहे थे। इसीलिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है।
यह है मामला
औषधि निरीक्षक लवकुश प्रसाद को औषधि विक्रेता संघ ने शिकायत दी थी। इस पर उन्होंने जिला महिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर छापा मारा। जन औषधि केंद्र पर विभाग से जारी लाइसेंस चस्पा मिला है। निरीक्षण के दौरान दवाओं के सैंपल भी लिये हैं। इनको राजकीय जनविश्लेषक प्रयोगशाला लखनऊ भेजा है। इस फर्म में ब्रांडेड कम्बिनेशन वाली औषधियां भी मिली।
ये सामान्य दुकानों पर बिकने वाली 2701.04 रुपये की दवाएं और 1194 रुपये के खाद्य प्रोजेक्ट मिले हैं। इन्हें सीज कर दिया है। मौके पर फार्मासिस्ट नहीं मिले हैं। इसके बाद दवा बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। बता दें कि केवल महिला अस्पताल ही नहीं जिला पुरुष अस्पताल और राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर प्राइवेट दवाओं की बिक्री की जा रही है।