सोनभद्र में बिना पंजीयन चल रहे दो पैथोलॉजी केंद्र और एक अस्पताल सील, तीन दिन में जवाब नहीं तो एफआईआर

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश): सोनभद्र जिले में बिना पंजीकरण के चल रहे पैथोलॉजी केंद्रों और अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसा है। चोपन-सिंदुरिया रोड पर गुरुवार को की गई जांच में दो पैथोलॉजी केंद्र और एक अस्पताल बिना पंजीयन के चलते पाए गए। विभाग की टीम ने तीनों को तुरंत सील कर दिया और संचालकों को नोटिस जारी किया।

सीएमओ के नेतृत्व में हुई जांच

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र के अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों की जांच की। जांच के दौरान रूही पैथोलॉजी, ओम पैथोलॉजी और जीवनदानी हॉस्पिटल के संचालक अपना पंजीयन प्रमाणपत्र नहीं दिखा सके। विभागीय रिकॉर्ड में भी इन संस्थानों का कोई पंजीकरण दर्ज नहीं मिला।

तीन दिन में जवाब, नहीं तो एफआईआर

सील करने के साथ ही तीनों संस्थानों के संचालकों को नोटिस थमाया गया है। उन्हें तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अगर ये संस्थान दोबारा बिना पंजीयन चलते पाए गए, तो संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई जाएगी।

बिना पंजीकरण वाली लैब क्यों है खतरनाक

पैथोलॉजी जांच की रिपोर्ट के आधार पर ही डॉक्टर बीमारी की पहचान करते हैं और इलाज तय करते हैं। बिना पंजीकरण वाली लैब में अक्सर प्रशिक्षित पैथोलॉजिस्ट, मानक उपकरण और गुणवत्ता नियंत्रण का अभाव होता है। ऐसे में:

  • गलत रिपोर्ट के कारण गलत इलाज हो सकता है।
  • डेंगू, मलेरिया या टाइफाइड जैसी बीमारी पकड़ में न आने से मरीज की हालत बिगड़ सकती है।
  • प्लेटलेट्स या हीमोग्लोबिन की गलत रिपोर्ट से अनावश्यक घबराहट या लापरवाही हो सकती है।
  • सैंपल लेने में साफ-सफाई न होने से संक्रमण का खतरा रहता है।

सही लैब कैसे पहचानें

  • लैब से उसका स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण प्रमाणपत्र दिखाने को कहें।
  • जांच रिपोर्ट पर योग्य पैथोलॉजिस्ट का नाम, डिग्री और हस्ताक्षर जरूर देखें।
  • संभव हो तो एनएबीएल मान्यता प्राप्त लैब को प्राथमिकता दें।
  • बहुत सस्ती जांच या घर बैठे बिना पर्ची के जांच के लालच से बचें।
  • संदिग्ध लैब की शिकायत जिले के सीएमओ कार्यालय में करें।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में बिना पंजीयन चल रहे अस्पतालों और जांच केंद्रों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

स्रोत: अमर उजाला (2 अक्टूबर 2026)

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