मुंबई। सन फार्मा स्पेशलिटी दवाओं पर अपना फोकस बढ़ा रही है। दवा कंपनी अमेरिका में जेनेरिक दवा कारोबार को पटरी पर लाने की कोशिश में है। साथ ही वह नवाचार के जरिये वृद्धि, चुनिंदा अधिग्रहण पर भी ध्यान दे रही है। भारत में जेनेरिक सेमाग्लूटाइड पेश करना ऐसा ही मौका है।

कंपनी ने दिसंबर तिमाही के नतीजों की घोषणा की। सन फार्मा के प्रबंधन ने विश्लेषकों से कहा कि अमेरिकी जेनेरिक कारोबार पर दबाव बढ़ गया है। होड़ भी तेज हो गई है। हालांकि, विनिर्माण और नियामक से जुड़ी दिक्कतें कम हुई हैं। इससे स्थिति बेहतर होने के आसार हैं।

कंपनी के सीईओ रिचर्ड एसक्रॉफ्ट ने कहा कि हम नए उत्पाद पेश कर रहे हैं। अपने कई संयंत्रों में विनिर्माण से जुड़े सभी कायदों का पालन शुरू करेंगे। इससे जेनेरिक कारोबार पटरी पर आने लगेगा। अमेरिका में कंपनी की कमजोर जेनेरिक बिक्री की भरपाई नई दवाओं से हो गई। इससे साफ है कि सन फार्मा अब स्पेशलिटी और नई चिकित्सा पद्धतियों पर ज्यादा ध्यान दे रही है।

वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में ब्रिटेन में दवाओं की बिक्री 47.7 करोड़ डॉलर रही। ये केवल 0.6 फीसदी अधिक है। जेनेरिक दवा कारोबार में गिरावट से इजाफा इतना मामूली रहा। कंपनी की कुल बिक्री में लगभग 27.5 फीसदी हिस्सेदारी अमेरिका की ही रही। प्रबंधन ने दोहराया कि नवाचार के जरिये होने वाली वृद्धि के लिहाज से अमेरिका उसका प्रमुख बाजार बना हुआ है।