रायबरेली (यूपी)। मेडिकल स्टोर पर छापेमारी का मामला प्रकाश में आया है। औषधि विभाग की टीम ने दो दवाओं के सैंपल लिए हैं। वहीं, 9 दवाओं की बिक्री रोक दी है।
यह है मामला
जिले में मानकों को ताक पर रखकर मेडिकल स्टोर संचालित किए गए हैं। ड्रग इंस्पेक्टर शीवेंद्र प्रताप सिंह ने सरेनी क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। दुकानों पर फार्मासिस्ट ही नहीं मिले। दोनों दुकानों से दवा के एक-एक सैंपल भरे। बिल न मिलने पर नौ दवाओं की बिक्री रोक दी। कस्बे में अन्य मेडिकल स्टोर संचालक दुकानें बंद करके भाग गए। मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
ड्रग इंस्पेक्टर ने सबसे पहले सरेनी के धूरेमऊ स्थित लक्ष्मी मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। दुकान पर फार्मासिस्ट नहीं मिला। इसके साथ ही नियमित बिल भी नहीं काटा जा रहा था। दवाओं के बिलों को सुरक्षित नहीं रखा गया। यहां एक दवा का सैंपल भरा। नशे से संबंधित पांच दवाओं के बिल न मिलने पर बिक्री रोक दी। इसके बाद सरेनी में ही मिश्रा मेडिकल स्टोर से एक दवा का सैंपल लिया। यहां चार दवाओं की बिक्री रोक दी। इस दुकान पर भी फार्मासिस्ट नहीं मिला। अन्य तमाम खामियां भी मिलीं।
डीआई ने बताया कि दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। नौ दवाओं की बिक्री रोकी गई है। बिल प्रस्तुत करने के बाद ही बिक्री कर सकेंगे।










