लखीमपुर खीरी (यूपी)। जिला अस्पताल में बेहोश मरीज से हैवानियत का मामला प्रकाश में आया है। संविदा स्टाफ नर्स पर बेहोश मरीज को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। घटना के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रधानाचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने अभद्रता के मामले में डॉ. योगेश और डॉ. कासिम को सस्पेंड कर दिया। वहीं, संविदा स्टाफ नर्स जयपाल को बर्खास्त करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है। उसके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। मोहम्मदाबाद निवासी शिवम विश्वकर्मा ने बताया कि उनका छोटा भाई राहुल एक निजी अस्पताल में काम करता है। राहुल दोपहर में अचानक बेहोश हो गया था। हालत बिगड़ने पर उसे घर ले जाया गया।

देर रात एंबुलेंस से राहुल को जिला अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल वार्ड में शिफ्ट कर दिया। आरोप है कि वार्ड में भर्ती के बाद नर्स जयपाल मरीज को देखने पहुंचा। उस समय राहुल बेहोशी की हालत में हाथ-पैर चला रहा था। इसी बात पर नर्स ने मरीज को थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। मारपीट में राहुल के मुंह से खून निकल आया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें अस्पताल में विवाद और हंगामे की स्थिति बन गई। परिजनों ने चिकित्सकों से शिकायत की। सूचना पर सदर विधायक योगेश वर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाराजगी जताते हुए मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया है। डॉ. योगेश और डॉ. कासिम को एक-एक सप्ताह के लिए निलंबित किया है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। संविदा स्टाफ नर्स जयपाल को सेवा से बर्खास्त करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है। उसके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।