नई दिल्ली। Weight Loss वाली नई दवाओं को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने समर्थन दिया है। इसे मोटापे की दर में चिन्ताजनक वृद्धि को देखते हुए वैश्विक स्वास्थ्य नीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
ये दिशा-निर्देश, GLP-1 therapies नामक उपचार श्रृंखला पर केन्द्रित है। इसमें लिराग्लूटाइड, सेमाग्लूटाइड और टिरज़ेपाटाइड जैसी दवाएँ शामिल हैं। इन दवाओं के सशर्त सलाह समेत लम्बे समय तक सुरक्षित रूप से प्रयोग के बारे में बताया है। त्ररुक्क-1 थैरेपीज़, एक प्राकृतिक हार्मोन की नक़ल करके भूख, ब्लड शुगर और पाचन को नियंत्रित करती हैं। दुनियाभर में, एक अरब से अधिक लोग मोटापे से ग्रस्त हैं। वर्ष 2024 में, 37 लाख लोग मोटापे से जुड़ी बीमारियों के कारण, मौत के शिकार हो गए।
WHO ने आगाह किया है कि अगर कड़े क़दम नहीं उठाए गए तो मोटापे से प्रभावित लोगों की संख्या, 2030 तक दोगुनी हो सकती है। इससे स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी दबाव पड़ेगा। वैश्विक आर्थिक हानि अनुमानत: 3 ट्रिलियन डॉलर प्रति वर्ष तक पहुँच सकती है। मोटापा एक दीर्घकालिक बीमारी है। इसे व्यापक और आजीवन देखभाल से ठीक किया जा सकता है।










