अलीगढ़ (उप्र)। निजी अस्पताल में प्रसव के बाद 28 साल की प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल पर ताला लगा मिला। डॉक्टर और कर्मचारी मौके से गायब थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह है मामला
गांव रंजीतगढ़ी निवासी अंजलि को प्रसव पीड़ा होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने सिजेरियन डिलीवरी की सलाह दी। इसके बाद ऑपरेशन किया गया। अंजलि ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगडऩे लगी। अगले दिन उसकी मौत हो गई। मृतका के भाई विष्णु का आरोप है कि अंजलि की धडक़नें तेज हो रही थीं।
उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। परिवार ने कई बार डॉक्टरों से जानकारी ली। हर बार यही कहा गया कि मरीज की हालत सामान्य है। आरोप है कि स्थिति गंभीर होने पर उसे किसी बड़े अस्पताल या आईसीयू में ले जाने की सलाह दी।
आरोप है कि इलाज में लापरवाही और देरी के कारण अंजलि की मौत हुई। घटना के बाद परिवार के लोग आक्रोशित हो गए। इसके बाद अस्पताल संचालक, डॉक्टर और स्टाफ फरार हो गए। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, अस्पताल की विस्तृत जांच और न्याय की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।










