सिरसा (हरियाणा)। प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस ने मृतका के पति की शिकायत पर निजी अस्पताल के दो डाक्टरों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर शव स्वजन को सौंप दिया गया।

यह है मामला

ऐलनाबाद के तलवाड़ा खुर्द निवासी यशपाल ने बताया कि उनकी पत्नी मीना की डिलीवरी के लिए होली नर्सिंग होम में इलाज चल रहा था। नियमित जांच करवाई जा रही थी। डाक्टर शिखा गोयल के कहने पर मीना रानी को नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। आपरेशन के बाद पुत्र का जन्म हुआ। आपरेशन के बाद मां-बच्चा दोनों स्वस्थ बताए गए।
इसके बाद डाक्टर ने बुखार के लिए डोलो टेबलेट और इंजेक्शन मंगवाया।

इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही समय बाद मीना रानी की हालत अचानक बिगड़ गई। उसके मुंह और नाक से झाग निकलने लगे और पेट फूल गया। उस समय अस्पताल में आक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध नहीं था। हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। मीना रानी को एंबुलेंस से कार्डियोलाजिस्ट डा. मंदीप गर्ग के अस्पताल ले जाया गया। वहां जांच के बाद डाक्टर ने बताया कि उनकी मृत्यु कुछ समय पहले ही हो चुकी थी। स्वजन ने आरोप लगाया कि उपचार में लापरवाही और समय पर उचित इलाज न मिलने के कारण मीना रानी की जान गई।