जनवरी में पांच सौ से ज्यादा दवाओं के बढ़ेंगे दाम, आपकी जेब पर पड़ेगा असर

मुंबई। जनवरी माह में पांच सौ से ज्यादा दवाइयों की कीमतों में बढ़ोतरी होने जा रही है। इससे आमजन की जेब पर असर पडऩा तय है।

हेल्थकेयर रिसर्च फर्म 3 एक्सिस एडवाइजर्स का कहना है कि बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनी फाइजर, सनोफी और टेकेडा फार्मास्युटिकल नए साल के शुरू में ही अमेरिका में 500 से अधिक दवाओं की कीमतें बढ़ाएंगी। बिडेन प्रशासन द्वारा सितंबर में 10 उच्च लागत वाली दवाओं के लिए काफी कम कीमतों के प्रकाशन के लिए दवा उद्योग की तैयारी और बढ़ती मुद्रास्फीति और विनिर्माण लागत के साथ उद्योग की चल रही लड़ाई के बीच यह निर्णय लिया गया है।

बता दें कि मुद्रास्फीति न्यूनीकरण अधिनियम के प्रावधान की प्रत्याशा में मूल्य वृद्धि हो रही है। यह स्वास्थ्य कार्यक्रम को 2026 में शुरू होने वाली कुछ दवाओं की कीमतों में वृद्धि के संकेत देता है। वहीं, मध्य पूर्व में विस्तारित संघर्ष के कारण संभावित आपूर्ति श्रृंखला अवरोधों के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं। इससे लाल सागर के माध्यम से शिपिंग मार्गों पर प्रभाव पड़ सकता है।

तीन कंपनियां करेंगी 15 दवाओं की कीमतें कम

ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन समेत अन्य तीन कंपनियां कम से कम 15 दवाओं की कीमतें कम करने के लिए तैयार हैं। ये कटौती इंसुलिन के लिए कीमतों में कमी की प्रवृत्ति का अनुसरण करती है। बता दें कि कई कंपनियों ने इस साल की शुरुआत में कटौती की घोषणा की थी।

औसत मूल्य में 5 फीसदी की वृद्धि

3 एक्सिस के अध्यक्ष एंटोनियो सियाकिया का कहना है कि मुद्रास्फीति और नई अमेरिकी दवा मूल्य वार्ता नीति के बावजूद, पिछले पांच वर्षों में दवा निर्माताओं का व्यवहार देखा गया है। इसमें 2019 के बाद से औसत मूल्य में लगभग 5 फीसदी की वृद्धि हुई है।

फाइजर जनवरी में सबसे योजनाबद्ध मूल्य वृद्धि के साथ पैक का नेतृत्व करता है। इससे 124 अद्वितीय दवा ब्रांड प्रभावित होते हैं। इसके होस्पिरा डिवीजन के माध्यम से 22 ब्रांडों के दाम बढ़ सकते हंै। टेकेडा की बक्सल्टा और बेल्जियम की दवा कंपनी यूसीबी फार्मा क्रमश: 53 और 40 योजनाबद्ध मूल्य वृद्धि के साथ अनुसरण करती है।

फार्मा सनोफी वृद्धि करेगी

फार्मा सनोफी, 2024 के लिए अपने अधिकांश इंसुलिन उत्पादों की कीमतें कम करने के बावजूद, जनवरी में टाइफाइड बुखार, रेबीज और पीले बुखार के टीकों की कीमतों में 9 प्रतिशत की वृद्धि करेगी। गौरतलब है कि दवा निर्माता आमतौर पर हर साल जनवरी माह में ही मूल्य वृद्धि की घोषणा करते हैं। साल 2023 के शुरू में भी 1,425 दवाओं की कीमतों में वृद्धि हुई थी।

बता दें कि स्थापित दवाओं की कीमतों में मामूली वृद्धि और नई दवाओं की लागत में वृद्धि ही देखने में मिर्ली है। 2022 में नई दवाओं की कीमतों का औसत $220,000 था। यह 2021 की पहली छमाही में लगभग $180,000 से मुकाबले अच्छा उछाल माना जा सकता है।

Related Posts

जीटीबी समेत दिल्ली के 4 बड़े सरकारी अस्पताल होंगे एक

नई दिल्ली। जीटीबी समेत दिल्ली के 4 बड़े सरकारी अस्पताल अब एक होंगे। इनमें एम्स जैसी ही सुविधाएं भी मिलेंगी।चार अस्पतालों को मिलाकर एक मल्टी-स्पेशियलिटी संस्थान बनाया जाएगा। दिल्ली के…

Drug Inspector भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एएसओ अरेस्ट

मुंबई (महाराष्ट्र)। Drug Inspector भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एएसओ अरेस्ट हुआ है। यह परीक्षा महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अधीन करवाई गई थी। पेपर लीक मामले…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

जीटीबी समेत दिल्ली के 4 बड़े सरकारी अस्पताल होंगे एक

  • By Desk
  • October 24, 2026
  • 10 views
जीटीबी समेत दिल्ली के 4 बड़े सरकारी अस्पताल होंगे एक

Drug Inspector भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एएसओ अरेस्ट

  • By Desk
  • October 24, 2026
  • 9 views
Drug Inspector भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एएसओ अरेस्ट

एफडीए की रेड में फंसी मिड्यूटी कंपनी, बड़े दावों के नहीं मिले सबूत

  • By Desk
  • October 24, 2026
  • 10 views
एफडीए की रेड में फंसी मिड्यूटी कंपनी, बड़े दावों के नहीं मिले सबूत

नशीले कैप्सूल की एसयूवी में तस्करी का मामला पकड़ा

  • By Desk
  • October 24, 2026
  • 9 views
नशीले कैप्सूल की एसयूवी में तस्करी का मामला पकड़ा

ड्रग अलर्ट में खुलासा, बुखार, एसिडिटी समेत 330 दवाओं के सैंपल फेल

  • By Desk
  • October 24, 2026
  • 13 views
ड्रग अलर्ट में खुलासा, बुखार, एसिडिटी समेत 330 दवाओं के सैंपल फेल

अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत पर हंगामा

  • By Desk
  • October 23, 2026
  • 19 views
अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत पर हंगामा