जम्मू के 2 संस्थान के फर्जी सर्टिफिकेट पर राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन

जयपुर. मध्यप्रदेश में 4 संस्थानों ने पैरामेडिकल कोर्स के नाम पर फर्जीवाड़ा किया था, लेकिन अब एक और फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है। इसमें विद्यार्थियों ने ही जम्मू के संस्थान से सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जी अंकतालिका और प्रमाण पत्र बनवा लिया और राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन तक कर दिया। फिलहाल प्रदेश के करीब 50 विद्यार्थियों के इस तरह से फर्जीवाड़ा की बात सामने आई है। उनकी पोल तब खुली जब वेरिफिकेशन कराया गया। जिस संस्थान से पैरामेडिकल कोर्स करना बताया था उस संस्थान ने इन विद्यार्थियों का रिकार्ड उपलब्ध नहीं होने का हवाला देते हुए उनके प्रवेश से ही इंकार कर दिया। पैरामेडिकल काउंसिल अब इस पूरे मामले की जांच करवा रहा है।
जम्मू-कश्मीर काउंसिल का दावा-आवेदन करने वालों का यहां रिकॉर्ड ही नहीं

इन विद्यार्थियों ने राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल में जम्मू के स्वामी विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस, 44 -ए, चानी राम और बख्शी नगर के महेशपुरा चौक की सरकारी मेडिकल कॉलेज के नाम से फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराए थे। जबकि इन सभी विद्यार्थियों ने इन संस्थानों में प्रवेश लेना तो दूर वे कभी संस्थान में गए तक नहीं।
पैरामेडिकल काउंसिल ने रजिस्ट्रेशन का आवेदन आने के बाद इन सभी विद्यार्थियों का वेरिफिकेशन कराया। काउंसिल ने जम्मू के इन दोनों संस्थानों को पत्र लिखा। संस्थान से जवाब आया तो काउंसिल के अधिकारी हैरान रह गए। इन सभी 50 विद्यार्थियों का इन दोनों संस्थानों के पास कोई रिकार्ड नहीं था। संस्थानों ने तो यहां तक कहा कि इन्होंने कभी यहां प्रवेश ही नहीं लिया। ऐसे में अब सवाल खड़े होते हंै कि क्या प्रदेश में फर्जी अंकतालिका और प्रमाण पत्र बनवाने का खेल चल रहा है।

ऐसे हुआ खुलासा
राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के लिए आवेदन वाले दस्तावेज का वेरिफिकेशन में हुआ है। काउंसिल ने वेरिफिकेशन में डिटेल लेने पर सामने आया है जिन संस्थानों का प्रमाण पत्र लगा रखा है, वहां से उन्होंने पैरामेडिकल कोर्स ही नहीं किया।

जम्मू एंड कश्मीर के 2 संस्थानों के नाम पर जारी डिप्लोमा के आधार पर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन आए थे। वेरिफिकेशन में दोनों संस्थानों ने उन विद्यार्थियों का रिकार्ड उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी है। इससे इन विद्यार्थियोंं के डिप्लोमा फर्जी होने का अंदेशा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसको जांच कमेटी को सौंपा है।
उत्तम सिंह शेखावत, रजिस्ट्रार, राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल

फर्जीवाड़ा किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भोपाल का मामला हो या जम्मू एंड कश्मीर का। सभी मामलों को बोर्ड की मीटिंग में रखेंगे और फर्जीवाड़ा करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
डॉ.पी.के.माथुर, अध्यक्ष, राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल

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