जेनेरिक दवा कंपनियों का गोलमाल!

मुरैना। जरूरतमंद मरीजों को महंगी दवाओं से राहत दिलाने के लिए ही जेनेरिक यानि सस्ती दवा की बिक्री का कंसेप्ट शुरू किया गया था। लेकिन हो रहा इसके बिल्कुल उलट है। जेनेरिक कंपनियां अपनी दवाइयों की सेल बढ़ाने के लिए रिटेल दवा दुकानदारों को खुदरा मूल्य पर 60 प्रतिशत तक कमीशन दे रही हैं। मतलब यह कि मरीज को ये दवाएं ब्रांडेड की कीमत पर ही मिल रही हैं। मरीजों को जेनेरिक दवा पर मिलने वाला फायदा सीधे-सीधे कैमिस्ट की जेब में जा रहा है। बीते तीन सालों में ऐसी दवाइयों ने ड्रग मार्केट में अपना प्रभाव जमा लिया है।

अब ब्रांडेड फार्मा भी जेनेरिक दवा बनाने वाली कंपनियों में शामिल हो गई हैं। मेडले व एग्लोमेड आदि फार्मा 10 रुपए कीमत की दवा को 80 रुपए प्रिंट पर बेच रही हैं। ऐसे में 70 रुपए का मुनाफा सीधे रिटेलर को मिलता है। हालांकि जेनेरिक कंपनियों के दवा प्रॉडक्ट ब्रांडेड कंपनियों के प्रॉडक्ट के कंपोजीशन जैसे ही हैैं। इसका फायदा उठाकर लोकल कम्पनी की दवाइयां बाजार में ब्रांडेड कम्पनी के नाम से बेचीं जा रही हैं।

जेनेरिक दवाइयों का उत्पादन कर रहीं कंपनियों ने मार्केट में बिजनेस लेने के लिए रिटेलर के सीधे संपर्क में आने की नीति अपनायी है। जेनेरिक दवाइयों की बिक्री बढ़ाने के लिए रिटेलर से लेकर डॉक्टर तक यह दवाइयां ठेके पर बिकवायी जा रही हैं। दवा बाजार में वेनुला से लेकर ड्रिप सेट, सिरिंज व सर्जरी के आयटमों पर निर्माता कंपनियां जो प्रिंट रेट डाल रही हैं, वे निर्माण लागत से चार गुना अधिक हैं। जो मरीज दवा व उपकरणों के संबंध में अधिक जानकारी नहीं रखते, ऐसे लोगों से दवा बाजार में अधिक पैसा वसूला जा रहा है। बीडी कंपनी के वेनुला पर 120 रुपए प्रिंट है जबकि उसकी थोक बिक्री का रेट 30 रुपए है।

इसी तरह, मेडले कंपनी की ओफ्लोक्सासिन-200 ड्रग की 10 टेबलेट का पत्ता 51.45 रुपए प्रिंट का है, जबकि कैमिस्ट को यह दवा 10 रुपए में मिलती है। वहीं, मल्टीविटामिन व मिनरल के 10 टेबलेट की स्ट्रिप पर अधिकतम बिक्री मूल्य 80 रुपए प्रिंट है जबकि यह दवा 20 रुपए कीमत में रिटेलर को मिल रही है। एन्जायम सीरप पर एमआरपी 80 रुपए अंकित है लेकिन रिटेलर को यह सीरप मात्र 20 रुपए में मिल रहा है। बच्चों को भूख बढ़ाने की दवा का सीरप 88 रुपए कीमत पर बिक रहा है लेकिन थोक विक्रेता उसे रिटेलर को 24 रुपए में बेच रहे हैं। एंटीबायोटिक इंजेक्शन पर 116 रुपए रेट प्रिंट है, जबकि इस दवा की वास्तविक कीमत 30 रुपए है।

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