डिग्री बेचकर हर महीने लाखों कमा रहे फार्मासिस्ट

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में औषधि विभाग आनलाइन हो गया है फिर भी बगैर फार्मासिस्ट के लगभग 50 फीसद दवा की दुकानें संचालित हो रही हैं। साथ ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के संज्ञान में भी यह मामला है, उसके बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। गौरतलब है कि फर्जी डिग्री बेच हर माह 7-8 हजार रुपये कमा रहे फार्मासिस्ट जिले में बगैर फार्मासिस्ट के संचालित होने वाली दवा दुकानों में वैसे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने अपनी डिग्रियां बेच रखी है। लाइसेंस उनके नाम पर जारी होता है लेकिन वे रहते कहीं और है। जांच में इस तरह के खुलासे भी हो चुके हैं। सिर्फ डिग्री के एवज में वे हर माह 7 से 8 हजार रुपये लेते है। वैसे लोगों की संख्या लगभग 400 है। यानी हर माह 32 लाख रुपये गलत ढंग से वे लोग कमा रहे हैं।

इन लोगों को अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए पूरी तरह से फर्जी करार दिया है। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने तीन जुलाई 2017 को एक फैसला सनाया है जिसमें उन्होंने कहा है कि जो लोग 1958 के बाद से अपने अनुभव के आधार पर फार्मासिस्ट की डिग्री हांसिल किए हैं उनका रिन्यूअल व रजिस्ट्रेशन बंद किया जाए। उसके बाद से उन लोगों का रिन्यूअल व रजिस्ट्रेशन दोनों बंद हो चुका है। उसके वाबजूद उनके नामों पर दवा दुकानें संचालित हो रही है। बतादे कि लाइसेंस दिलाने को दलाल सक्रिय दवा दुकान का लाइसेंस लेने के लिए मात्र तीन हजार रुपये शुल्क है लेकिन दलालों की सक्रियता इतनी बढ़ गई है कि एक दुकान का लाइसेंस लेने में 50 से 60 हजार रुपये खर्च आ जाता है। जबकि इसी दलाली प्रक्रिया को खत्म करने के लिए आनलाइन की शुरुआत की गई थी। इसमें विभाग के पदाधिकारियों का भी मिलीभगत बताया जाता है।

दरअसल आनलाइन होने का मकसद तो कुछ और ही था – लाइसेंस के लिए ड्रग विभाग का चक्कर लगाने से मुक्ति। – समय पर लाइसेंस बनना और नवीकरण होना। – शहर की सभी दवा दुकानों पर एक साथ रखी जा सकेगी नजर। – अवैध रूप से चलने वाली दवा दुकानों होंगी बंद। – दवा दुकानों पर फार्मासिस्ट, कोल्ड चेन और दवा की होगी पूरी जानकारी। गौरतलब है कि जिले में औषधि विभाग तीन साल से आनलाइन काम कर रही है। आनलाइन का मकसद दवा दुकानों का सारा विवरण विभाग के पास कंप्यूटर में दर्ज होना है। ड्रग इंस्पेक्टर एक क्लिक में किसी भी दवा दुकान की जानकारी हासिल कर सकते हैं। उसके बावजूद बगैर फार्मासिस्ट व फर्जी कागजात के नाम पर दुकानें संचालित होना गंभीर सवाल खड़ा करता है। विभाग व गलत ढंग से संचालित दवा दुकानों के बीच चल रहे इस खेल की सारा जानकारी अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को अवगत कराया था। उनके द्वारा जल्द ही कार्रवाई करने का भरोसा दिया गया था लेकिन अबतक कार्रवाई नहीं होने से जिले के प्रमाणित फार्मासिस्ट चितित है। एसोसिसएशन के अनुसार, जिले में लगभग 400 फार्मासिस्ट रजिस्टर्ड है। जबकि दवा दुकानें एक हजार से अधिक संचालित है। ऐसे में 600 दुकानें कैसे चल रही है, यह जांच का विषय है।

Related Posts

अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में शराब पार्टी, डॉक्टर सस्पेंड

पुणे (महाराष्ट्र)। अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में शराब पार्टी का पर्दाफाश हुआ है। पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका के यशवंतराव चव्हाण स्मृति अस्पताल का मामला है। अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में शराब की…

MBBS की फर्जी डिग्री से बने डॉक्टर, 2 धरे गए

जालौर (राजस्थान)। MBBS की फर्जी डिग्री से बने दो डॉक्टर Arrest किए गए हैं। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने इन दोनों मुन्नाभाई एमबीबीएस को पकड़ा है। इनमें से एक आरोपी 8वीं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में शराब पार्टी, डॉक्टर सस्पेंड

  • By Desk
  • October 17, 2026
  • 10 views
अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में शराब पार्टी, डॉक्टर सस्पेंड

MBBS की फर्जी डिग्री से बने डॉक्टर, 2 धरे गए

  • By Desk
  • October 17, 2026
  • 11 views
MBBS की फर्जी डिग्री से बने डॉक्टर, 2 धरे गए

फार्मा कंपनी के रिएक्टर में ब्लास्ट होने से पांच लोगों की मौत

  • By Desk
  • October 17, 2026
  • 10 views
फार्मा कंपनी के रिएक्टर में ब्लास्ट होने से पांच लोगों की मौत

मेडिकल स्टोर पर लाइसेंस के बिना दवा कारोबार का भंडाफोड़

  • By Desk
  • October 17, 2026
  • 9 views
मेडिकल स्टोर पर लाइसेंस के बिना दवा कारोबार का भंडाफोड़

दवा निर्यात के नियमों में ढील, कंपनियों को मिलेगी राहत

  • By Desk
  • October 17, 2026
  • 13 views
दवा निर्यात के नियमों में ढील, कंपनियों को मिलेगी राहत

बेटे की टांग न कटे इसलिए मां ने जीते जी अपने पांव की हड्डी कटवाई

  • By admin
  • October 16, 2026
  • 22 views
बेटे की टांग न कटे इसलिए मां ने जीते जी अपने पांव की हड्डी कटवाई