दिल्ली में प्रदूषित हवाओं के कारण आयी हेल्थ इमरजेंसी

दिल्ली में प्रदूषित हवाओं का कहर इस तरह बढ़ रहा है कि हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति पैदा हो गई है। अस्पतालों में अस्थमा और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) का अटैक बढ़ गया है। दमघोंटू हवा के कारण सांस लेने में तकलीफ होना और आंखों में जलन हो रही है। अस्पतालों में 30 से 40 प्रतिशत मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

द्वारका, शाहदरा और जहांगीरपुरी जैसे इलाकों में भी हालात बेहद खराब हैं। आनंद विहार, पंजाबी बाग, आरकेपुरम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक से कई गुना ज्यादा है। लोगों के आंखों में जलन हो रही है, आंखों से  पानी निकल रहा है। सांस फूलने की समस्या हो रही है।

डॉक्टर ने मार्निंग वॉक पर निकलने से किया मना 

कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टर अंशुमान कुमार का कहना है कि ऐसे वक्त में किसी को भी इस समय मॉर्निंग वॉक पर नहीं जाना चाहिए। बुजुर्ग और बीमार लोगों को तो और नहीं जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक इंसान आमतौर पर एक बार में सांस में 500 एमएल हवा लेता है और छोड़ता है और इसी प्रकार एक मिनट में 12 से 14 बार सांस लेता है। लेकिन, जब इंसान वॉक या एक्सरसाइज करता है तो वह जल्दी-जल्दी सांस लेता है और ज्यादा बार सांस लेता है। मतलब वह ज्यादा हवा लेता है। चूंकि घर के बाहर हर जगह प्रदूषित हवा है, जो इंसान वॉक पर नहीं गया है, वह कम प्रदूषित हवा लेगा और जो वॉक या एक्सरसाइज पर जाएगा वह प्रदूषित हवा ज्यादा लेगा।

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सफदरजंग अस्पताल के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. नीरज गुप्ता ने कहा कि बुजुर्गों, स्कूल जाने वाले बच्चों और गर्भवती महिलाओं में सिरदर्द, चिंता, चिड़चिड़ापन जैसी समस्यायें बढ गई है। कुछ दिनों से सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

प्रदूषित हवा से ब्रेन स्ट्रोक और डिमेंशिया जैसी समस्यायें 

एम्स के पूर्व निर्देशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि ऐसा अध्ययन हुआ है जिसमें पता चला है कि प्रदूषित हवा के कारण ब्रेन स्ट्रोक, डिमेंशिया जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। गुलेरिया ने कहा कि प्रदूषण के कारण मल्टी-ऑर्गन स्वास्थ्य संबंधी खतरे का बढ़ना, नींद न आना और सांस लेने में तकलीफ होने जैसी समस्यायें बढ़ जाती है।

बचाव के तरीके जानिए

: वॉक पर बाहर न जाएं

: घर पर योग कर लें

: हैवी एक्सरसाइज से बचें

: थोड़ा बहुत फिजिकल एक्टिविटी अपने घर के अंदर ही करें

: सड़क या ट्रैफिक के आसपास वॉक नहीं करें

: पार्क, जो ट्रैफिक से दूर हों वहां जाएं, लेकिन सीवियर एक्यूआई हो तो नहीं जाएं

: बीमार लोगों का अभी इस हवा में बाहर नहीं जाना ही बेहतर

: मास्क पहने बिना बाहर नहीं निकलें

: शाम को और ट्रैफिक होता है, इसलिए शाम में भी वॉक पर जाना सही नहीं

 

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