प्रशासन का मेडिकल एजेंसियों पर छापा, मिली नशीली दवाएं

रीवा। जिले में ड्रग, खनिज और भू-माफियाओं पर जिला प्रशासन ने नकेल कसने लगा है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद माफिया की कमर तोडऩे के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। इसकी सूचना से अवैध कारोबारियों में अफरा-तफरी मच गई है। पिछले चार दिन से लगातार कार्रवाई जारी है। कलेक्टर के निर्देश पर नायब तहसीलदार, ड्रग इंपेक्टर और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो मेडिकल स्टोर को सीज कर दिए गए। कलेक्टर-इलैयाराजा टी के मुताबिक जिले में ड्रग माफिया, खनिज माफिया, खाद्य, शिक्षा और भू-माफिया बख्से नहीं जाएंगे। शर्तों का उलंघन कर दवा विक्रेताों के लाइसेंस भी निरस्त किए जाएंगे। सभी तरह के रैकेट चलाने वालों को चिह्ंित किया जा रहा है। इसके लिए सभी विभाग विस्तृत जानकारी जुटा रहे हैं।

माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। जिला प्रशासन और खाद्य एवं औषधि अधिकारी प्रियंका चौबे को सूचना मिली कि बड़ी दरगाह के निकट स्थति मेडिकल एजेंसी संचालकों के गोदाम में नशीली सिरप रखी है। इंपेक्टर नायब तहसीलदार यतीश शुक्ला और अमहिया पुलिस के साथ मौके पर पहुंची कि भोला मेडिकल एजेंसी संचालक टीम पहुंचने से पहले शटर बंद कर फरार हो गया। मौके पर पहुंची अधिकारियों ने लाल मेडिकल एजेंसी में दवाओं की जांच की। दुकान के पिछले हिस्से में गोदाम की भी जांच की। ड्रग इंपेक्टर ने बताया कि भोला मेडिकल स्टोर और लाल मेडिकल एजेंसी में सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे तो भोला मेडिकल स्टोर का शटर बंद मिला।

लाल मेडिकल एजेंसी की जांच की गई। दो अलग-अलग प्रकार की नशीली दवाएं स्टोर के दराज से जब्त की गई हैं। दोनों से बीते छह माह से खरीद और बिक्री का हिसाब मांगा गया है। दरअसल अमहिया पुलिस रेकार्ड के मुताबिक भोला मेडिकल एजेंसी अमहिया के संचालक के खिलाफ अमहिया थाने में ड्रग कंट्रोल अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है। कार्रवाई के दौरान एक लाख नशे की गोलियां और 500 शीशी नशील सिरप पकड़ी जा चुकी है। दोबारा नशीले सिरप बेचने की सूचना मिलने पर छापामार कार्रवाई की गई है। इसकी सूचना से मेडिकल स्टोर संचालकों में अफरा-तफारी मची है।

गौरतलब है कि छापामार कार्रवाई के दौरान भोला मेडिकल एजेंसी संचालक फरार हो गया। लाल मेडिकल एजेंसी संचालक के यहां ड्रग इंपेक्टर प्रियंका चौबे ने दवाओं की जांच की। जिसमें दो अलग-अलग ब्रांड की नशीली दवाएं दराज से बरामद किया है। दस्ताावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने पर लाइसेंस निरस्त किए जाने की कार्रवाई की जाएगी। बताया गया कि इससे पहले अमहिया पुलिस भोला मेडिकल एजेंसी संचालक के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। प्रत्यदर्शियों ने अधिकारियों को सूचना दी कि छापाकार कार्रवाई से पहले ही शटर बंद कर मेडिकल संचालक फरार हो गया।

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