बाजार में बेचा जा रहा है जहरीला केला

आजादपुर मंडी के आसपास दिल्ली के कई इलाकों में चंद ही मिनटों में केले को पकाने का खेल चल रहा है।आजादपुर मंडी के इर्द-गिर्द, शालीमार बाग, जहांगीरपुरी, सराय पीपल थला, आदर्श नगर, मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी, शकूरपुर, रामपुरा सहित बवाना एवं कंझावला इलाके की अनधिकृत कॉलोनियों सहित दिल्ली के बहुत बड़े हिस्से में इस तरह से केले पकाने का काल धड़ल्ले से चल रहा है। इस धंधे में लगे लोग तर्क देते हैं कि केले की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए वह ऐसा कर रहे हैं।

पहले बर्फ में केला पकाया जाता था
पहले बर्फ में केला पकाया जाता था, जिसमें एक सप्ताह का वक्त लगता था और बर्फ का पका केला चित्तीदार होता था, लेकिन अब बर्फ में पकाए कौन? शालीमार बाग के केला गोदाम क्षेत्र में इस तरह से केला पकाने वाले कुछ लोगों ने माना यदि केले को बर्फ से पकाया है तो उसका डंठल काला पड़ जाता है और केले का रंग गर्द पीला हो जाता है। साथ ही केले पर थोड़े बहुत काले दाग रहते हैं। इसलिए उसे चित्तीदार केला कहा जाता है। मगर केले को कार्बाइड का इस्तेमाल करके पकाया गया है तो केले का रंग लेमन यलो अर्थात नींबू जैसा पीला होगाँ उसमें कोई दाग-धब्बे नहीं होतेँ मगर यह फ्रिज में रखने पर कुछ ही घंटों में पूरी तरह से काला हो जाता है। ज्यादा वक्त यह टिकता नहीं है।

कार्बाइड के उपयोग में नहीं लगी रोक
यह हालात तब है, जब वर्ष 2010 में विशेषज्ञों की एक समिति ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के माध्यम से सरकार को फल पकाने के लिए कार्बाइड की जगह एथिलीन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का सुझाव दिया था। इस रिपोर्ट के बाद दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य पर पडऩे वाले बुरे प्रभाव को देखते हुए फलों की कृत्रिम तरीके के पकाने में इस्तेमाल होने वलो कार्बाइड पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बावजूद कार्बाइड के उपयोग पर हकीकत में अब तक रोक नहीं लग सकी है।

पता ही नहीं कितना केमीकल का उपयोग
दिल्ली सरकार के एक स्कूल में रसायन विज्ञान के अध्यापक वीरेन्द्र सिंह के मुताबिक, कार्बाइड को जब पानी में मिलाएंगे तो उसमें से हीट निकलती है। इससे जिस गैस का निर्माण होता है उससे लोहा कटिंग इत्यादि का काम लिया जाता है। जब किसी केले के गुच्छे को ऐसे केमिकल युक्त पानी में डुबाया जाता है तब उष्णता केलों में उतरती है। केले कुछ ही मिनट में पक जाते हैं। इस प्रक्रिया को उपयोग करने वाले लोग मजदूर तबके के होते हैं। उन्हें पता ही नहीं होता कि किस मात्रा के केलों के लिए कितनी तादाद में इस केमीकल का उपयोग करना है। वह इसका इतना प्रयोग कर जाते हैं, जिससे केलों में अतिरिक्त उष्णता का समावेश हो जाता है जो खाने वाले के पेट में जाता है।

बीमारियों की बनी रहती है आशंका
इंडियन हार्ट फाउंडेशन के सीईओ एवं दिल्ली के जाने-माने हृदय विशेषज्ञ डॉ. आरएन कालरा का कहना है कि कार्बाइड से पकाए जाने वाले फलों से पाचनतंत्र में खराबी आना शुरू हो जाती है। आंखों में जलन, छाती में तकलीफ, हृदय रोग, जी मिचलाना, पेट दर्द, गले में जलन, अल्सर, ट्यूमर होने की आशंका रहती है। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी जिस तरह से लगातार बढ़ रही है, उसका बहुत बड़ा कारण भी यही हैकि अब अधिकांश फलों को कैमीकल स पकाया जाता है।

Related Posts

अंडाणु दान के नाम पर कथित रैकेट का भंडाफोड़

हैदराबाद। अंडाणु दान से जुड़े कथित रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। आरोप है कि महिलाओं को भर्ती कर उनका व्यावसायिक शोषण किया…

मेडिकल इंस्टीट्यूट में जांच के दौरान एक्सपायर इंजेक्शन मिले

बेलगावी (कर्नाटक)। मेडिकल इंस्टीट्यूट में जांच के दौरान एक्सपायर इंजेक्शन मिले हैं। उप लोकायुक्त जस्टिस बी. वीरप्पा ने बेलगावी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (BIMS) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

अंडाणु दान के नाम पर कथित रैकेट का भंडाफोड़

  • By Desk
  • November 2, 2026
  • 4 views
अंडाणु दान के नाम पर कथित रैकेट का भंडाफोड़

मेडिकल इंस्टीट्यूट में जांच के दौरान एक्सपायर इंजेक्शन मिले

  • By Desk
  • November 2, 2026
  • 4 views
मेडिकल इंस्टीट्यूट में जांच के दौरान एक्सपायर इंजेक्शन मिले

हेल्थ सप्लीमेंट बेचने के नाम पर ठगी का भंडाफोड़, दो अरेस्ट

  • By Desk
  • November 2, 2026
  • 4 views
हेल्थ सप्लीमेंट बेचने के नाम पर ठगी का भंडाफोड़, दो अरेस्ट

अवैध क्लीनिक चला रहे 9 फर्जी डॉक्टर रेड के दौरान अरेस्ट

  • By Desk
  • November 2, 2026
  • 4 views
अवैध क्लीनिक चला रहे 9 फर्जी डॉक्टर रेड के दौरान अरेस्ट

डी-फार्मा परीक्षा और फार्मासिस्टों के रजिस्ट्रेशन पर लगी रोक

  • By Desk
  • November 1, 2026
  • 11 views
डी-फार्मा परीक्षा और फार्मासिस्टों के रजिस्ट्रेशन पर लगी रोक

एजिथ्रोमाइसिन टैबलेट के एक बैच पर रोक, 78 हजार टैबलेट वापस

  • By Desk
  • November 1, 2026
  • 11 views
एजिथ्रोमाइसिन टैबलेट के एक बैच पर रोक, 78 हजार टैबलेट वापस