स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, एक्सपायरी दवा पिलाने से आठ बच्चे गंभीर रूप से बीमार

समस्तीपुर। स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बता दें कि ये लापरवाही 8 बच्चों पर भारी पड़ गई है। दरअसल खानपुर प्रखंड के सिरोपट्टी गांव में एक्सपायर दवा पिलाने से आठ बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए। सभी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। सिविल सर्जन के आदेश पर जिला स्तरीय टीम ने गांव में पहुंचकर इसकी जांच की।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सिरोपट्टी गांव में एएनएम साधना कुमारी के द्वारा जून माह में एक्सपायर हो चुकी फोलिक एसिड सिरप का वितरण किया गया। अभिभावकों ने अपने-अपने बच्चों को दवा पिलाई। दवा पिलाने के कुछ देर बाद ही बच्चों को उल्टी होने लगी। वहीं जीभ काली पड़ गई। कुछ को पेट में दर्द की भी शिकायत हुई। इस तरह की शिकायत शिवानी कुमारी पिता संजय राम, शिवानी कुमारी पिता पप्पू राम, रीता कुमारी, रोहित कुमार, दोनों पिता गंगेश राम, संजना कुमारी पिता अमर राम, लक्ष्मी कुमारी पिता पवन राम, रितेश कुमार एवं ऋषि कुमार दोनों पिता सज्जन राम सहित 8 बच्चों में मिली। बच्चों की गंभीर हालत देख परिवार के लोगों के द्वारा तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के बाद सभी बच्चे सुरक्षित घर लौट गए। घटना की सूचना पर शनिवार की सुबह स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय टीम सिरोपट्टी पहुंचकर जांच की। सभी बच्चों को निरीक्षण किया।

निरीक्षण में सभी आठ बच्चे सही सलामत स्वस्थ पाए गए। टीम में शामिल जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा. सतीश कुमार, डीएमओ. डा. विजय कुमार, खानपुर उपस्वास्थ्य केंद्र के डा.गिरेंद्र मोहन झा, स्वास्थ्य प्रबन्धक अमनानुल्लाह शामिल थे। इस दौरान डीआइओ ने बताया कि भूलवश एक कार्टन दवा जून माह में एक्सपायर हो चुकी थी, उसी के बगल में अगस्त माह में एक्सपायर होने वाली दवा का कार्टन रखा गया था। अगस्त वाले कार्टन से दवा नहीं लेकर जून माह में एक्सपायर हो चुकी दवा का बिना देखे वितरण कर दिया गया। उन्होंने बताया कि जांच की जा रही है। जांच में सभी बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा मिला है। इसमें दोषी स्वास्थ्य कर्मियों पर आवश्यक कारवाई की जाएगी।

दूसरी ओर सूत्रों की माने तो दवा के रखरखाव एवं वितरण की जिम्मेवारी फार्मासिस्ट की है। एएनएम को वितरण के लिए वे ही दवा देते हैं। जिले से उपलब्ध कराई जानेवाली दवा का समय पर वितरण नहीं हो पाने के कारण जब एक्सपायर होने का समय नजदीक आता है तो जैसे-तैसे उसे एएनएम को थोप दिया जाता है। वर्षो से फार्मासिस्ट द्वारा दवा भंडार का निरीक्षण नही कराया गया है। दवा भंडार के निरीक्षण से पता चलेगा कि कितनी दवा एक्सपायर हो चुकी है। भंडार में काफी मात्रा में एक्सपायर दवा होने की संभावना है।

 

Related Posts

अवैध रूप से संचालित क्लीनिक और निजी अस्पताल बंद कराए

पीथमपुर (मध्यप्रदेश)। अवैध रूप से संचालित क्लीनिक और निजी अस्पताल बंद कराए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच की। लाइसेंस और जरूरी दस्तावेज नहीं दिखाने वाले…

जिला अस्पताल के सिरप में मिला कीड़ा, कार्रवाई की मांग

महराजगंज (यूपी)। जिला अस्पताल से लिए सिरप में कीड़ा मिलने का मामल सामने आया है। इसकी शिकायत पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इसके…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

अवैध रूप से संचालित क्लीनिक और निजी अस्पताल बंद कराए

  • By Desk
  • November 5, 2026
  • 9 views
अवैध रूप से संचालित क्लीनिक और निजी अस्पताल बंद कराए

जिला अस्पताल के सिरप में मिला कीड़ा, कार्रवाई की मांग

  • By Desk
  • November 5, 2026
  • 9 views
जिला अस्पताल के सिरप में मिला कीड़ा, कार्रवाई की मांग

दिव्यांश फार्मा पर बिना बिल की दवाएं जब्त, सप्लायर फरार

  • By Desk
  • November 5, 2026
  • 12 views
दिव्यांश फार्मा पर बिना बिल की दवाएं जब्त, सप्लायर फरार

मकान में छापेमारी कर 6.47 लाख की संदिग्ध दवाएं जब्त

  • By Desk
  • November 5, 2026
  • 13 views
मकान में छापेमारी कर 6.47 लाख की संदिग्ध दवाएं जब्त

एनपीपीए ने कैंसर दवाओं की संशोधित एमआरपी सूची जारी की

  • By Desk
  • November 5, 2026
  • 10 views
एनपीपीए ने कैंसर दवाओं की संशोधित एमआरपी सूची जारी की

जिला नागरिक अस्पताल से 6800 नशीली टैबलेट चोरी

  • By Desk
  • November 4, 2026
  • 28 views
जिला नागरिक अस्पताल से 6800 नशीली टैबलेट चोरी