नई दिल्ली। दवा गुणवत्ता मानकों पर भारत और लाइबेरिया सहयोग बढ़ाएंगे। इसके लिए दोनों देशों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता दवा गुणवत्ता मानकों के विकास, प्रभावी व सस्ती दवाओं की उपलब्धता को विस्तार देगा।

यह एमओयू मोनरोविया में भारत के राजदूत मनोज बिहारी वर्मा और लाइबेरिया की स्वास्थ्य मंत्री डॉ. लुईस एम. क्पोटो के बीच हुआ। यह भारत और लाइबेरिया स्वास्थ्य संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह एमओयू निम्नलिखित उद्देश्यों को बढ़ावा देगा—

1. साझा फार्माकोपियल मानकों को प्रोत्साहित करना

2. भारत और लाइबेरिया के बीच नियामक सहयोग को मजबूत करना

3. सुरक्षित और किफायती दवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करना

4. वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग को बढ़ावा देना।

लाइबेरिया के लिए लाभ

1.मजबूत दवा नियामक देखरेख

2. गुणवत्ता-सुनिश्चित दवाओं तक बेहतर पहुँच

3. सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणामों में सुधार

4. फार्मास्युटिकल परीक्षण क्षमता में वृद्धि

भारत के लिए लाभ

  1. वैश्विक फार्मा क्षेत्र में प्रभाव बढ़ना

2. अफ्रीका में स्वास्थ्य सहयोग को प्रोत्साहन

3. भारतीय फार्माकोपिया को वैश्विक मानक के रूप में बढ़ावा

4. वैश्विक स्वास्थ्य समानता में योगदान