अहमदाबाद। टॉरेंट फार्मा ने 19,500 करोड़ में जेबी केमिकल्स का अधिग्रहण कर लिया है। इससे यह देश की दूसरी सबसे बड़ी दवा कंपनी बन गई है। इस सौदे से संयुक्त इकाई का मूल्यांकन 1.64 लाख करोड़ हो गया है। यह सन फार्मा के बाद दूसरे स्थान पर है। यह रणनीतिक कदम बाजार में कंपनी की उपस्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।

अधिग्रहण के बाद जेबी केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स को टॉरेंट फार्मा के परिचालन में मिला दिया जाएगा। इस योजना के तहत, जेबी फार्मा के शेयरधारक जिन्हें 100 शेयर मिले हैं, उन्हें टॉरेंट फार्मा के 51 शेयर प्राप्त होंगे। जेबी केमिकल्स के सीईओ निखिल चोपड़ा 31 मार्च को पद छोड़ देंगे। यह एकीकरण के आगे बढऩे के साथ एक नए नेतृत्व युग का संकेत देता है।

टॉरेंट फार्मा के निदेशक मंडल ने एक बड़ी धन उगाहने की योजना को भी हरी झंडी दी है। कंपनी सुरक्षित, रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर जारी करके 12,500 करोड़ जुटाएगी।