हैदराबाद। सन फार्मा और सिप्ला ने अमेरिका में अपनी दवाइयां वापस मंगाई हैं। गुणवत्ता कारणों के चलते इन्हें वापस मंगाया गया है। यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की प्रवर्तन रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई। इन भारतीय दवा दिग्गजों की अमेरिकी आधारित सहायक कंपनियों की कार्रवाइयों का विवरण दिया गया है।

सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज इंक ने 30 दिसंबर, 2025 को एक क्लास III राष्ट्रव्यापी रिकॉल शुरू किया। इस कार्रवाई में फ्लूओसिनोलोन एसीटोनाइड सॉल्यूशन ट्रॉपिकल सॉल्यूशन की 24,600 से अधिक बोतलें शामिल हैं। इनका कारण अशुद्धियों बताया गया है। मुँहासे वल्गेरिस के लिए क्लिंडामाइसिन फॉस्फेट यूएसपी से संबंधित को भी वापस मंगाया गया है। इसका कारण भी अशुद्धियों/क्षरण की विफलता था।

वहीं, न्यू जर्सी के वार्रन में स्थित सिप्ला यूएसए, इंक. ने एक क्लास II राष्ट्रव्यापी रिकॉल शुरू किया। यह रिकॉल लैंरियोटाइड इंजेक्शन, 120 mg/0.5 mL की 15,221 सीरिंज को प्रभावित करता है। USFDA द्वारा उद्धृत कारण कणों की उपस्थिति है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा फार्मास्युटिकल बाजार बना हुआ है। इससे ऐसे रिकॉल निवेशकों और उद्योग पर्यवेक्षकों द्वारा बारीकी से देखे जाते हैं।