नई दिल्ली। वेट लॉस इंजेक्शन की कीमतें जल्द ही तकरीबन आधी हो जाएंगी। भारत में मोटापा कम करने वाली दवाओं का बाजार जल्द ही बदलने वाला है। इस साल वेट लॉस इंजेक्शन सस्ते होने से इलाजज्यादा लोगों की पहुंच में आ जाएगा। हालांकि, डॉक्टर इसके गलत इस्तेमाल को लेकर चेतावनी भी दे रहे हैं।
क्या है मामला
अभी वजन कम करने वाली दवाओं में सेमाग्लूटाइड इस्तेमाल होता है। यह पहले टाइप 2 डायबिटीज के इलाज के लिए बनाया गया था। बाद में वजन कम करने में असरदार साबित हुआ। अब इसका पेटेंट खत्म होने वाला है। इसलिए कई भारतीय दवा कंपनियां इसके सस्ते जेनेरिक वर्जन बाजार में लाने की तैयारी में हैं। एक ही दवा के कई सस्ते विकल्प मिलने पर कीमतें अपने-आप कम हो जाएंगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतों में करीब 50-60 फीसदी तक गिरावट आ सकती है। अभी यह दवा हर महीने लगभग 10,000 रुपये तक पड़ती है। जेनेरिक वर्जन आने के बाद इसकी कीमत करीब 3,500 से 4,000 रुपये आ सकती है। इससे ब ज्यादा लोगों के लिए उपलब्ध हो सकता है।
उधर, डॉक्टरों को डर है कि लोग बिना उनकी सलाह के इसका इस्तेमाल शुरू कर देंगे। यह दवा कोई जादुई इलाज नहीं है। इसे बिना मेडिकल जांच के लेना खतरनाक हो सकता है। यह दवा भूख, पाचन और ब्लड शुगर पर असर डालती है। इसलिए डॉक्टर की निगरानी जरूरी है। अगर बिना सलाह के इंजेक्शन लिया जाए तो ये समस्याएं हो सकती हैं। वेट लॉस इंजेक्शन कोई शॉर्टकट नहीं है। सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज और डॉक्टर की निगरानी के साथ ही इसका इस्तेमाल सुरक्षित और असरदार होता है।










