अहमदाबाद (गुजरात)। नशीली दवा की विदेश में तस्करी करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर दर्द निवारक दवा एटोमिडेट को विदेश भेजने का आरोप है। इसे एलोवेरा पाउडर और निजी देखभाल सामग्री बताकर भेजा जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम निकुंज गढिय़ा, चेतन वावडिया और भौतिक पदमनी हैं। तीनों सूरत के रहने वाले हैं। उनका संपर्क मलयेशिया और थाईलैंड के ड्रग कार्टेल के लोगों से भी था। यह कार्रवाई एक खुफिया सूचना के बाद की गई। सूचना मिली थी कि कुछ लोग यह दवा विदेशों में भेज रहे हैं।
निकुंज गढिय़ा अपनी कंपनियों डीडब्ल्यूएन बायोसाइंस, न्यूट्रल फार्मा और ओम हर्ब्स के जरिये यह काम करता था। भौतिक पदमनी अपनी कंपनी जानी फार्मा का इस्तेमाल करता था। वहीं, चेतन वावडिया रुद्र एंटरप्राइज के जरिये दवा विदेश भेजता था। तीनों आरोपी मुंबई हवाई अड्डे से एयर कार्गो के जरिये दवा भेजते थे। इसके लिए नकली बिल बनाए जाते थे। उत्पाद पर गलत लेबल लगाया जाता था। सीमा शुल्क की मंजूरी के लिए फर्जी दस्तावेज भी जमा किए जाते थे। कई देशों में एटोमिडेट पाउडर (बेहोश कर देने वाली दवा) को नियंत्रित या प्रतिबंधित पदार्थ माना जाता है।
सूचना मिलने के बाद एटीएस ने सीमा शुल्क अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। मुंबई में इन पार्सलों को रोकने के लिए कहा गया। निकुंज ने एलोवेरा पाउडर के नाम पर करीब 50 किलो एटोमिडेट विदेश भेजा। चेतन ने जिनोपोल-24 पाउडर नाम से पर्सनल केयर सामग्री बताकर 50 किलो दवा मलयेशिया और थाईलैंड भेजी। भौतिक पर भी एलोवेरा पाउडर बताकर 25 किलो एटोमिडेट विदेश भेजने का आरोप है। एजेंसी ने बताया कि थाईलैंड भेजा गया एटोमिडेट पाउडर वहां की पुलिस ने जब्त कर लिया है।










