सूरत (गुजरात)। अवैध क्लीनिक पर रेड कर 10वीं फेल मुन्नाभाई एमबीबीएस को गिरफ्तार किया है। पुलिस को पता चला था कि वो बिना वैध लाइसेंस के क्लिनिक चला रहा था। पुलिस ने टीम बनाकर छापा मारा तो उसके क्लिनिक से दवाएं मिलीं हैं। इन दवाइओं को जांच के लिए भेज दिया है। यह क्लिनिक चलाने वाले व्यक्ति का नाम संजीत नीलकोमल विश्वास है।

वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के नदिया जिले का रहने वाला है। पुलिस ने उससे मेडिकल प्रैक्टिस के लिए आवश्यक डिग्री मांगी तो वह इसे नहीं दे सका। पता चला कि यह नकली डॉक्टर 10वीं में भी फेल हो चुका है। छापेमारी के दौरान क्लिनिक से बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं, इंजेक्शन, स्टेथोस्कोप और अन्य चिकित्सा उपकरण मिले। इन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।

यह है मामला

पुलिस को सूचना मिली कि नकली डिग्री से क्लिनिक चला रहा है। पुलिस ने वांझ गांव में ‘आकाश कॉम्प्लेक्स’ में चल रहे ‘आशा क्लिनिक’ पर अचानक छापा मारा। छापेमारी के दौरान संजीत नीलकोमल विश्वास को पकड़ा। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के नदिया जिले का रहने वाला है। यहां किराए पर दुकान लेकर क्लिनिक चला रहा था। जब पुलिस ने संजीत से मेडिकल डिग्री और प्रैक्टिस का लाइसेंस मांगा।

वह कोई भी डॉक्यूमेंट नहीं दिखा सका। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह महज कक्षा 10वीं फेल है। वह खुद को डॉक्टर बताकर प्रैक्टिस कर रहा था। क्लिनिक की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं, इंजेक्शन, स्टेथोस्कोप और अन्य चिकित्सा उपकरण मिले। पुलिस ने इस सामान को जब्त कर लिया है। आरोपी मुख्य रूप से प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाता था। वह कम फीस के लालच में लोगों को गंभीर बीमारियों के लिए हाई-डोज दवाएं और इंजेक्शन दे रहा था। ये सब उनके जीवन के लिए जानलेवा हो सकता था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल कानूनी कार्रवाई की जा रही है।