भोपाल (मप्र)। नकली दवाइयां सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की जा रही हैं। नए साल की शुरुआत से अभी तक 10 तरह की दवाएं अमानक मिल चुकी हैं। सात तो केवल फरवरी में ही अमानक पाई गईं। इनमें सिफिक्सिम, एमिकेसिन,सिप्रोफ़्लोक्सेसिन और मीरोपीनम जैसी एंटीबायोटिक दवाएं शामिल हैं। मीरोपीनम इंजेक्शन तो मरीजों की जान बचाने के लिए दी जाती है।

ब्लड ग्रुपिंग किट तक अमानक पाई गई है। इससे मरीजों को खून चढ़ाने से पहले उसके ग्रुप का पता लगाया जाता है। दवाओं के अमानक होने का पता तब चला, जब इनका असर नहीं हुआ। कई जिलों से सीएमएचओ या सिविल सर्जन आदि ने इनकी जांच कराई।

इससे पहले कई मरीजों को दवाएं दी जा चुकी थीं। हालांकि हेल्थ कॉर्पोरेशन ने संबंधित बैच के उपयोग पर रोक लगाई है। इनके साथ ही संबंधित दवा को ब्लैकलिस्ट किया है। हालांकि, अभी तक किसी भी कंपनी के खिलाफ एफआइआर दर्ज नहीं कराई है।