नई दिल्ली। दवा कंपनियों ने सरकार से दवाओं की कीमत बढ़ाने की इजाजत मांगी है। इसकी वजह इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग को बताया गया है। पहले क्रुड ऑयल और गैस की कीमतों पर असर पड़ा। अब दवाइयों को लेकर भी चिंता बढऩे लगी है। युद्ध के चलते दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल महंगा और सीमित हो गया है। इसके चलते दवा कंपनियां दबाव में हैं।

इस बीच भारत की कई बड़ी दवा कंपनियों ने केंद्र सरकार से मांग की है। उनका कहना है कि युद्ध जारी रहने तक जरूरी दवाइयों के दाम बढ़ाने की अनुमति दी जाए। अगर सरकार इस मांग को मान लेती है तो जरूरी दवाइयां महंगी हो सकती हैं। इससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

कई मेडिकल स्टोर संचालकों ने बताया कि फिलहाल बाजार में दवाइयों के दाम नहीं बढ़े हैं। दवा बनाने में कच्चा माल आने के बाद उसे तैयार होने में करीब 3 महीने लगते हंै। इसलिए असर तुरंत नहीं दिखता। अगर युद्ध लंबा चलता है तो आने वाले महीनों में दाम बढऩा तय है।