बदायूं। अवैध अस्पताल नोटिस और मुकदमे के बाद भी सील नहीं हुआ है। सहसवान कस्बे में बिना पंजीकरण के संचालित एक निजी अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग अब तक ताला नहीं लगा सका है। नोटिस जारी होने और मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अस्पताल में इलाज हो रहा है।

यह है मामला

नीलम हेल्थ केयर सेंटर (नीलम हॉस्पिटल) को स्वास्थ्य विभाग ने 15 मार्च को नोटिस जारी किया था। इसमें संचालकों से वैध डिग्री, पंजीकरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा था।

निर्धारित समय में जवाब न देने पर 17 मार्च को दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। सीएचसी सहसवान के चिकित्साधीक्षक डॉ. प्रशांत त्यागी की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया। अस्पताल संचालक अशोक और संचालिका नीलम देवी बिना चिकित्सा डिग्री और पंजीकरण के चिकित्सा कार्य कर रहे थे।

मुकदमा दर्ज होने के साथ ही अस्पताल को सील करने के लिए पुलिस को पत्र भी भेजा गया। इसके बावजूद अब तक अस्पताल को बंद नहीं कराया गया है। वहीं, एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें एक व्यक्ति संचालक से डिलीवरी के संबंध में बात करता सुनाई दे रहा है। जवाब मिलता है कि प्रसूता को ले आओ, डिलीवरी हो जाएगी। इससे यह संकेत मिल रहा है कि कार्रवाई के बाद भी अस्पताल संचालन जारी है।