नई दिल्ली। आयुर्वेद की पुरानी पांडुलिपि से तैयार आधुनिक दवा को लाइसेंस मिल गया है। आयुष मंत्रालय ने बाल उगाने की इस दवा को लाइसेंस प्रदान किया। बता दें कि अंग्रेजों के दौर में एक हेड मास्टर दादा ने आयुर्वेदिक नुस्खों का खजाना तैयार किया था। इसे परिवार ने सालों तक संभालकर रखा। उसी लिखी हुई किताब को आधार बनाकर पोते ने 20 साल तक गहन रिसर्च किया। आखिरकार उसे आधुनिक दौर की आयुर्वेदिक दवाओं में बदल दिया। अब इस अनोखी पहल को आयुष मंत्रालय का लाइसेंस भी मिल गया है।
यह कहानी कुलदीप पांचाल की है। वह दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे और ऑर्गेनिक एक्सपो में आए हुए हैं। कुलदीप गाजियाबाद के मोदीनगर के रहने वाले हैं। वहीं इनकी ऑनलाइन और ऑफलाइन आयुर्वेदिक क्लिनिक चलती है। कुलदीप ने सात्विक आयुर्वेद के नाम से खुद का ब्रांड शुरू किया है।
कुलदीप ने बताया कि उन्होंने एक ऐसा तेल बनाया है. जो गंजे सिर में बाल उग देगा। चाहे उम्र कोई भी हो। उनकी 60 साल की उम्र है और बाल उनके झड़ गए थे। अब उनके भी बाल उग रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने घुटने का तेल बनाया है। दंत मंजन और गैस की दवा से लेकर उन्होंने फेस पाउडर तक बनाए हैं। उनका बनाया हुआ तेल लोगों को पसंद आ रहा है। लोगों के झड़ते बाल भी रुक गए हैं।










