बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश)। कफ सिरप और जिंक सल्फेट के सैंपल जांच में फेल मिले हैं। घुमारवीं क्षेत्र में दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। कफ-डी एम नामक कफ सिरप और जिंक सल्फेट दवा के सैंपल फेल मिले हैं। कफ सिरप का सैंपल दो-दो स्तर की जांच में असफल रहा है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि संबंधित दवा गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं थी।
यह है मामला
दवा निरीक्षक घुमारवीं दिनेश गौतम ने झंडूता स्थित मेडिकल स्टोर से कफ-डी एम कफ सिरप का सैंपल लिया था। यह कफ सिरप बद्दी स्थित एक दवा कंपनी द्वारा निर्मित है। सिविल अस्पताल घुमारवीं के दवा भंडार से जिंक सल्फेट नामक दवा का सैंपल भी लिया। दोनों सैंपलों को जांच के लिए क्षेत्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला चंडीगढ़ भेजा गया। प्रारंभिक जांच में ही दोनों दवाइयां गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं। सैंपल फेल घोषित कर दिए गए। इसके बाद कफ-डी एम कफ सिरप बनाने वाली कंपनी ने रिपोर्ट को चुनौती देते हुए कोर्ट का सहारा लिया। सैंपल को दोबारा जांच के लिए सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेटरी कोलकाता भेजा गया।
केंद्रीय लैब से आई अंतिम रिपोर्ट में भी कफ-डी एम कफ सिरप की गुणवत्ता में खामियां मिली। सैंपल को फिर से फेल करार दिया गया। ड्रग कंट्रोल विभाग ने संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय स्तर पर संबंधित बैच का बाजार में उपलब्ध पूरा स्टॉक भी वापस मंगवाया जा चुका है।










