सोनभद्र/घोरावल। दो फार्मासिस्ट पर एफआईआर दर्ज होने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि दोनों फर्जी नियुक्ति पत्र पर नौकरी कर रहे थे। आखिर नौ साल के बाद उनका भेद खुला।

यह है मामला

स्वास्थ्य विभाग में फर्जी नियुक्ति पत्र पर दो फार्मासिस्ट 9 साल से नौकरी कर रहे थे। अजीत कुमार की तैनाती जुड़वरिया पीएचसी पर थी। वहीं, संतोष यादव जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस में नियुक्त था। अजीत वाराणसी का रहने वाला है। वहीं संतोष प्रतापगढ़ के बंगला सिटी रोड निवासी है। जांच में पुष्टि के बाद दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सीएमओ के मुताबिक, दोनों की नियुक्ति फर्जी मिली है। अब वेतन की रिकवरी की जाएगी। दोनों से किसी तरह का काम नहीं लिया जाएगा।

अजीत कुमार और संतोष यादव ने दिसंबर 2016 में सोनभद्र में फार्मासिस्ट के रूप में तैनाती पाई थी। अजीत की पहली तैनाती जुगैल थाना क्षेत्र के कुड़ारी में हुई थी। कुछ समय बाद करमा में स्थानांतरित किया गया। वहां से तबादले के बाद वर्ष 2022 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जुड़वरिया में तैनाती मिली। इसी तरह संतोष को केकराही ब्लॉक की पीएचसी पर तैनाती दी गई। वर्तमान में संतोष से पोस्टमार्टम हाउस का काम लिया जा रहा था। चार महीने पहले शासन को एक अज्ञात पत्र भेजा गया था।

इसके जरिये नियुक्ति पत्र में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी। शासन से मिले निर्देश पर सीएमओ ने मामले की जांच कराई। नियुक्ति में गड़बड़ी मिलने के बाद जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग भेज दी गई। दोनों के नियुक्ति पत्रों का सत्यापन कराया गया तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया। स्वास्थ्य विभाग से दोनों का नियुक्ति पत्र नहीं जारी किया गया था। मामले में प्राथमिकी दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है।