कोटा (राजस्थान)। अस्पताल में महिलाओं की मौत मामले में सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। ड्रग कंट्रोलर ने कुल 24 दवाओं के इस्तेमाल और सप्लाई पर रोक लगा दी है। ड्रग कंट्रोलर ने सभी दवा विक्रेताओं को उक्त बैचों की दवा सप्लाई करने से रोका है। जब तक कि सैंपल की कानूनी जांच रिपोर्ट सरकारी विश्लेषक से मिल न जाए।

ड्रग कंट्रोलर ने कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में प्रसुताओं की मौत को गंभीर घटना माना। कहा है कि मरीजों की सुरक्षा के हित में इस मामले को अत्यंत आवश्यक माना जाए। इस आदेश का अनुपालन बिना किसी चूक के सुनिश्चित किया जाए।

बता दें कि मरीजों की मौत के बाद औषधि नियंत्रण अधिकारियों ने कई दवाओं के सैंपल लिए हैं। ये दवाएं वार्ड में पोस्ट-ऑपरेटिव अवधि के दौरान मरीजों को दी गई थीं। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले में निष्पक्ष और त्वरित जांच कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, गंभीर लापरवाही सामने आने पर जनरल सर्जरी विभाग के सह आचार्य डॉ. नवनीत कुमार को निलंबित कर दिया है।

इसके अलावा यूटीबी पर कार्यरत सहायक आचार्य डॉ. श्रद्धा उपाध्याय को बर्खास्त कर दिया गया है। ड्यूटी पर तैनात वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी गुरजोत कौर और निमेश वर्मा को भी निलंबित कर उनका मुख्यालय जयपुर कर दिया गया है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के यूनिट हेड डॉ. बीएल पटीदार और डॉ. नेहा सीहरा को नोटिस दिया है।