गुरुग्राम (हरियाणा)। जापानी फार्मा ‘टोनअप’ के नाम पर नकली इंजेक्शन बनाने का खुलासा हुआ है। आरोपी अवि शर्मा यूएस की कंपनी के नकली माउनजारो इंजेक्शन के साथ ही जापानी कंपनी टोनअप के भी नकली इंजेक्शन बना रहा था।
अभी तक माना जा रहा था कि आरोपित अपना ब्रांड टोनअप नाम का इंजेक्शन बना रहा है। अब खुलासा हुआ है कि टोनअप जापान की कंपनी है। उसके नाम से इंजेक्शन बनाकर बाजार में बेच रहा था। जिला औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारी अमनदीप चौहान ने बताया कि टोनअप नामक इंजेक्शन को वापस मंगवाया है। पता चला कि इंजेक्शन पर प्रिटिंग जापान के नाम से दिख रहा है।
इस संबंध में अवि शर्मा ने बताया कि टोनअप जापान की कंपनी है। बाजार में उसने उसी के नाम से बेचना शुरू किया था। इंजेक्शन को देखकर ग्राहक को लगता है कि जापान से इंजेक्शन बनकर आया है। अभी तक पता चला है कि 15-16 टोनअप इंजेक्शन बनाए गए थे। ये इंडियामार्ट के माध्यम से मुंबई में चार इंजेक्शन बेचे गए थे। बता दें कि जिला औषधि नियंत्रण प्रशासन ने सोहना के अवि शर्मा द्वारा बनाए गए करीब 70 लाख रुपये के नकली माउनजारो इंजेक्शन पकड़े थे।
शर्मा की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में जानकारी सामने आई। वह माउनजारो के साथ-साथ अपना ब्रांड टोनअप नामक इंजेक्शन भी बना रहा था। इन दोनों इंजेक्शन को इंडियामार्ट के माध्यम से बेच रहा था। अवि नकली इंजेक्शन बनाने के लिए चीन से अलीबाबा वेबसाइट के माध्यम से कच्चा माल मंगवाता था। वह और उसका सहयोगी मुजम्मिल खान 22 मई तक न्यायिक हिरासत में है।










