नई दिल्ली। सस्ती दवा डिगॉक्सिन से हार्ट फेलियर खतरा कम होता है। रूमेटिक हार्ट डिजीज में ‘डिगाक्सिन’ सस्ती दवा मानी गई है। यह दावा एम्स के नेतृत्व में 12 बड़े चिकित्सा संस्थानों के शोध में किया गया है। डिगाक्सिन हार्ट फेलियर के बिगडऩे के खतरे को कम कर सकती है।
यह मरीजों में मृत्यु या बिगड़ते हार्ट फेलियर के संयुक्त जोखिम को घटाने में प्रभावी है। यह बीमारी हृदय के वाल्वों को नुकसान पहुंचाती है। यह युवाओं में हार्ट फेलियर का बड़ा कारण मानी जाती है। इस संबंध में प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल जामा में अनुसंधान प्रकाशित हुआ है। कम लागत वाली यह दवा आसानी से उपलब्ध और सुरक्षित है। यह सीमित संसाधनों वाले देशों में मरीजों के लिए उपयोगी विकल्प बन सकती है।
यह अनुसंधान एम्स नई दिल्ली के नेतृत्व में फरवरी 2022 से अगस्त 2024 के बीच किया गया। इसमें रूमेटिक हार्ट डिजीज से पीड़ित 1769 मरीजों को शामिल किया गया। अध्ययन का नेतृत्व एम्स कार्डियोलाजी विभाग के प्रो. डा. गणेशन कार्तिकेयन ने किया।
डॉ. गणेशन कार्तिकेयन ने बताया कि आइसीएमआर का वित्तीय सहयोग प्राप्त इस अनुसंधान में मरीजों को दो समूहों में बांटा गया। एक समूह को प्रतिदिन 0.125 से 0.25 मिलीग्राम डिगाक्सिन दी गई। दूसरे समूह को प्लेसीबो यानी सामान्य दवा जैसा पदार्थ दिया गया। दोनों समूहों का औसतन 2.1 वर्ष तक फालोअप किया गया। दवा के दुष्प्रभाव भी बहुत कम पाए गए। केवल 1.1 प्रतिशत मरीजों में ही संभावित दुष्प्रभाव के कारण दवा बंद करनी पड़ी।
डिगाक्सिन लेने वाले मरीजों में मृत्यु या हार्ट फेलियर बिगडऩे की स्थिति में लगभग 18 प्रतिशत कमी आई।










