नई िदल्ली। बैक्टीरिया पर एंटीबायोटिक दवाएं बेअसर होने लगी हैं। यह खुलासा नए शोध में हुआ है। बढ़ता तापमान और बदलते बारिश के पैटर्न बैक्टीरिया को ज्यादा खतरनाक बना रहे हैं। इससे एंटीबायोटिक दवाओं का असर कम हो रहा है। इंफेक्शन का इलाज मुश्किल होता जा रहा है। खास तौर पर साल्मोनेला बैक्टीरिया पर अध्ययन किया गया। यह फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों का बड़ा कारण माना जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले समय में ये संकट और गंभीर हो सकता है।
क्या कहती है नई स्टडी?
ये रिसर्च ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड और चीन के वैज्ञानिकों ने मिलकर की है। ये स्टडी मेडिकल जर्नल Lancet Planetary Health में प्रकाशित हुई है। वैज्ञानिकों ने 139 देशों से जुटाए गए 4.8 लाख से ज्यादा साल्मोनेला सैंपल्स का एनालिसिस किया। इसमें टेंपरेचर, बारिश और बैक्टीरिया में मौजूद रेजिस्टेंस जीन के बीच संबंध को समझने की कोशिश की।
एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का मतलब है कि बैक्टीरिया दवाओं के असर से बचने लगते हैं। ऐसे में नॉर्मल इंफेक्शन का इलाज भी मुश्किल हो जाता है। हर साल 10 लाख से ज्यादा लोगों की मौत एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस से जुड़ी समस्याओं से हो जाती है। एंटीबायोटिक दवाओं का जरूरत से ज्यादा और गलत इस्तेमाल इसकी सबसे बड़ी वजह है। लेकिन अब क्लाइमेट चेंज भी इस खतरे को तेजी से बढ़ा रहा है। इससे बैक्टीरिया के बीच एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जीन का एक्सचेंज ज्यादा तेजी से होने लगता है।










